राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने के लिए देश में सभी लोगों को सामूहिक रूप से काम करना होगा. बिहार के भागलपुर में संत महर्षि मेंही आश्रम में एक सभा को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि लोगों को अहंकार करने से बचना चाहिए और भौतिकवाद से दूर रहना चाहिए.
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “संतों की प्राचीन शिक्षाओं का पहले घर में अनुसरण करना चाहिए और बाद में बाहर प्रचार करना चाहिए. हमारे संतों के उपदेशों को सबसे पहले अपने दैनिक जीवन में उतारना चाहिए… यही प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा, “भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए साधु-संतों सहित हम सभी को सामूहिक रूप से काम करने की आवश्यकता है.” उन्होंने लोगों को हमेशा सच बोलने की सलाह दी. बाद में भागवत ने भागलपुर और बांका जिलों के आरएसएस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. भागवत ने कहा, “लोगों को अपने अहंकार को नहीं बढ़ने देना चाहिए और भौतिकवाद से दूर रहना चाहिए. हमेशा सच्चाई पर टिके रहना चाहिए. दुनिया एक भ्रम है, केवल ब्रह्म ही सत्य है.” इस मौके पर पटना के महावीर मंदिर मंदिर ट्रस्ट के सचिव आचार्य किशोर कुणाल भी आश्रम में मौजूद थे.



