- इंडक्शन चूल्हों की मांग में आया उछाल
जौनपुर। घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत ने आम जनता के सामने नई और गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। जिले भर में रसोई गैस की आपूर्ति में आई भारी बाधा के कारण उपभोक्ताओं को दर-दर भटकना पड़ रहा है। गैस वितरण केंद्रों के बाहर सुबह होते ही सैकड़ों लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जो प्रशासन के ‘सब सामान्य है’ वाले दावों की हकीकत बयां कर रही हैं। वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या गैस की उपलब्धता और बुकिंग को लेकर आ रही है। आपूर्ति में कमी के चलते अब गैस बुकिंग की अवधि बढ़ा दी गई है। जहाँ पहले उपभोक्ता 15दिनों के अंतराल पर गैस बुक करा लेते थे, वहीं अब किल्लत के कारण यह समय सीमा बढ़ाकर 25दिन कर दी गई है। इस बदलाव के कारण उपभोक्ताओं को काफी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और आसानी से गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। गैस के इस संकट ने बाजार में इंडक्शन चूल्हों की डिमांड को अचानक बढ़ा दिया है। गैस न मिलने से परेशान लोग अब बिजली से चलने वाले चूल्हों की ओर रुख कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर इंडक्शन चूल्हों की मांग में भारी उछाल देखा जा रहा है, जिससे कई जगहों पर इनकी कीमतों में भी वृद्धि की खबरें आ रही हैं। हालांकि, बिजली की अघोषित कटौती के कारण इंडक्शन का विकल्प भी उपभोक्ताओं के लिए पूरी तरह राहत भरा साबित नहीं हो रहा है। गुरुवार को जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर जो नजारा दिखा, वह चिंताजनक था। खाली सिलिंडर लेकर कतारों में खड़ी महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि वे सुबह से ही लाइन में लग जाते हैं, लेकिन घंटों प्रतीक्षा के बाद भी बड़ी संख्या में लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। जहाँ एक ओर प्रशासनिक अधिकारी स्थिति को नियंत्रित बता रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि हालात दिन-प्रतिदिन और भी बिगड़ते जा रहे हैं। गैस सिलिंडर की इस कमी के कारण घरों की रसोई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। जो लोग इंडक्शन नहीं खरीद पा रहे, वे मजबूरन खाना पकाने के लिए लकड़ी और उपलों जैसे पारंपरिक तरीकों की ओर लौटने को विवश हैं। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि धुएं के कारण स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। गैस एजेंसी संचालकों का तर्क है कि ऊपर से आपूर्ति में कमी और अचानक मांग बढ़ने से वितरण प्रभावित हुआ है। प्रशासन को इस समस्या का जल्द समाधान निकालने की आवश्यकता है ताकि लोगों को राहत मिल सके।



