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बिजली के पोलों से हटाया गया केबल और वाई-फाई तारों का जंजाल

जौनपुर के व्यस्त बाजारों में बिजली के पोलों पर लटकी बंद केबल और अनुपयोगी वाई-फाई तारों को विद्युत विभाग ने अभियान चलाकर हटाया। विभाग की कार्रवाई से बारिश के दौरान करंट उतरने और हादसे की आशंका कम होने की उम्मीद है।
Homeअपना जौनपुरफर्जी तरीके से संचालित हो रहे निजी अस्पताल

फर्जी तरीके से संचालित हो रहे निजी अस्पताल

  1. कार्रवाई के अभाव में बेखौफ संचालक
  2. अप्रशिक्षित हाथों से हो रहा इलाज, नोटिस के बाद भी ठोस कदम नहीं

केराकत। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र(सीएचसी) के आसपास अवैध रूप से संचालित लगभग आधा दर्जन निजी अस्पतालों का मामला प्रकाश में आया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद इन अस्पतालों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से इनके संचालकों के हौसले बुलंद हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ अस्पतालों का लाइसेंस दूसरे चिकित्सकों के नाम पर पंजीकृत है, जबकि मौके पर कोई अधिकृत डॉक्टर मौजूद नहीं रहता। ऐसे स्थानों पर इंटरमीडिएट पास युवतियों या अप्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा मरीजों का इलाज किए जाने की बात सामने आई है। इतना ही नहीं, झोलाछाप लोगों द्वारा छोटे-बड़े ऑपरेशन और प्रसव तक कराए जाने के आरोप हैं, जो मरीजों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। दो माह पूर्व जिलाधिकारी के निर्देश पर फर्जी अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाने हेतु टीम गठित की गई थी। शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस तो जारी किए, लेकिन उसके बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। इस संबंध में पूछे जाने पर चिकित्साधीक्षक डॉ. अरुण कनौजिया ने बताया कि संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध लिखित रिपोर्ट भेजी जा चुकी है तथा जांच के लिए दो नोडल अधिकारी नामित हैं। हालांकि अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो गरीब और अनजान मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। लोगों ने प्रशासन से शीघ्र जांच कर अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग की है।