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प्रभु का अवतरण दीन दुखियों के कल्याण के लिए हुआ था – फादर पी विक्टर

  • सेंटजॉन्स स्कूल में हर्षोल्लास के साथ क्रिसमस का त्योहार मनाया गया

जौनपुर धारा, जौनपुर। सेंटजॉन्स स्कूल सिद्दीकपुर में हर्षोल्लास के साथ क्रिसमस का त्योहार मनाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत ईश प्रार्थना से हुई। कक्षा प्रथम एवं द्वितीय के बच्चों ने स्वागत नृत्य किया। तीसरी कक्षा के बच्चों ने मनमोहक समूह नृत्य किया। कक्षा छठवीं की छात्रा स्पर्श अग्रहरी ने अपने भाषण में क्रिसमस पर्व के बारे में जानकारी दी। दीप्ती कश्यप के नेतृत्व में विद्यालय की अध्यापिकाओं ने कैरोल साँग गाया। कक्षा चौथी एवं पाँचवीं के विद्यार्थियों ने प्रभु यीशु के जीवन पर आधारित एकांकी प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर पी विक्टर ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को क्रिसमस की शुभकामना देते हुए कहा कि हर धर्म पाप से बचने और पुण्य कर्म करने की प्रेरणा देते हैं। पुण्य कर्म छप्पर फाड़कर फल देता है और पाप कर्म थप्पड़ मारकर लेता है। प्रभु यीशु ने अपने आचरण एवं उपदेशों के द्वारा दीन-दुखियों की सेवा को ही पुण्य बताया एवं दूसरों को कष्ट देने को पाप कहा। प्रभु का अवतरण ही दीन-दुखियों के कल्याण के लिए हुआ था। फादर ने महाभारत के एक दृष्टांत को उद्धृत करते हुए कहा कि जीवन भर पुण्य करने वाले भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य एवं कर्ण को युद्धभूमि में मरना पड़ा क्योंकि उन्होंने एक गलत कार्य किया था। पितामह एवं द्रोणाचार्य ने द्रौपदी-चीर हरण पर मौन रखा एवं कर्ण ने अन्याय पूर्वक अभिमन्यु-वध में सहयोग किया और मरते हुए अभिमन्यु को पानी देने से इनकार कर दिया। एक पाप भी पुण्य क्षय के लिए काफी है अत: हमें पाप कर्म से बचना चाहिए। कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह देखने लायक था। कैरोल साँग पर सभी बच्चे खुशी से झूम उठे। सांताक्लॉज ने बच्चों को उपहार दिया। कार्यक्रम के अंत में कक्षा छह की छात्रा आस्था गौतम ने उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में कक्षा चार के अब्दुल्ला अनस, कक्षा पाँच की यशस्वी यादव एवं कक्षा छह की सगुन उपाध्याय ने कुशल मंच संचालन किया।