नई दिल्ली. फार्मास्युटिकल उद्योग को लेकर ग्रेटर नोएडा में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े एक्सपो का आयोजन 28 नवंबर से होने जा रहा है, जो 30 नवम्बर तक चलेगा. यह एक्सपो इंफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया द्वारा आयोजित सीपीएचआई और पीमेक इंडिया द्वारा आयोजित किया जा रहा है. एक्सपो में 150 देशों से 45,000 से अधिक आगंतुकों के पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें 1500 से अधिक प्रदर्शक 10,000 से अधिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा.
दवाओं के क्षेत्र में भारत मात्रा के हिसाब से दुनिया भर में तीसरे तथा मूल्य के लिहाज से विश्व में 14वें स्थान पर है. भारतीय फार्मास्यूटिकल उद्योग का वर्तमान बाजार आकार लगभग 50 बिलियन डॉलर है. फार्मास्यूटिकल एक्सपो उद्योग जगत के विशेषज्ञों को कारोबार के अवसरों पर चर्चा करने और अपने विचार प्रस्तुत करने का मौका देगा. सीपीएचआई और पीमेक इंडिया एक्सपो के संबंध में इन्फोर्मा मार्केट्स इन इंडिया के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रास ने बताया कि ‘2023 में भारतीय फार्मा उद्योग ‘राइज एण्ड राइज आफ इंडिया’ के दौर से गुज़र रहा है, जिसे इनोवेशन्स के साथ सरकार का मजबूत सहयोग भी मिल रहा है. जी20 अध्यक्षता के दौरान तय किए गए उद्देश्यों के अनुरूप फार्मास्युटिकल इनोवेशन्स, तकनीकी प्रगति के चलते भारतीय उद्योग 2025 तक 65 बिलियन डॉलर और 2030 तक 130 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा. उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी में प्रदर्शनी फार्मास्युटिकल अधिकारियों, खरीदारों, खरीद प्रबंधकों, अनुबंध निर्माताओं, अस्पताल प्रशासकों तथा राज्य एवं राष्ट्रीय विनियामक बोर्ड के प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं को एक ही मंच पर लेकर आएगी.



