- तंजीमे अजाए हुसैन की ऑल इंडिया तरही शब्बेदारी में जुटी मातमी अंजुमनें
- इमामबारगाह कल्लू मरहूम में इमाम को पेश किया आंसुओं का नजराना
जौनपुर धारा, जौनपुर। नगर के इमामबाड़ा कल्लू मरहूम में शनिवार की रात तंजीमे अजा़ए हुसैन की ऑल इंडिया तरही शब्बेदारी शुरू हुई जो रविवार की शाम को समाप्त हुई। इस शब्बेदारी में हिंदुस्तान की 20 से ज्यादा मातमी अंजुमनों ने नौहा व मातम कर कर्बला के शहीदों को नजराना-ए-अकीदत पेश किया। अलविदाई मजलिस के बाद शबीहे ताबूत अलम व जु़ल्जनाह निकाला गया जिसके बाद अंजुमनों ने अपने दर्द भरे नौहे पढ़ कर माहौल को गमगीन कर दिया। इससे पूर्व शनिवार की रात शब्बेदारी का आगाज तिलावते कलाम पाक से हुआ। सोजख्वानी सैय्यद गौहर अली जै़दी व उनके हमनवां ने पढ़ी। पेशख्वानी डॉ. शोहरत जौनपुरी, एहतेशाम, हेजाब, नजमी जौनपुरी ने पढ़ी। मजलिस को खेताब करते हुए मौलाना शब्बर हुसैन खां ने कहा कि आज पूरी दुनिया में हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम व उनके 71 साथियों की शहादत पर लोग नजराना-ए-अकीदत पेश करते हैं। 1400 साल से ज्यादा कर्बला में इमाम की शहादत हुए बीत गए हैं जब मोहर्रम आता है तो सभी मजहब के लोगों के दिलों में ईमाम की कुर्बानी की याद ताजा हो जाती है। आज जो इंसानियत व इस्लाम जिंदा है वो हजरत इमाम हुसैन व अहलेबैत की कुर्बानियों की देन है। मजलिस के बाद अंजुमनों ने मिसरे तरह ‘मंजूर आजमी की, दिल खून हो तो शायद मातम का हक अदा हो’, दूसरी तरह डॉ. शोहरत जौनपुरी की ‘जवाबे जैनबे मुजतर कहां से लाओगे’ पर अपने तरही नौहे पेश किए। अंजुमन अब्बासिया कामटी नागपुर महाराष्ट्र, गुंचए मजलूमियां लखनऊ, गुंचए मजलूमिया फैजाबाद, नकविया प्रयागराज, हैदरिया अब्दुल्लापुर अंबेडकर नगर, पंजतनी तुराबखानी सुल्तानपुर, हैदरी वाराणसी, कारवांने कर्बला वाराणसी के साथ-साथ शहर की सभी अंजुमनों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी कर शामे गरीबां की याद में शहीदों को नजराना-ए-अकीदत पेश किया। रविवार की शाम मौलाना महफूजुल हसन खां ने अलविदाई मजलिस की तकरीर करते हुए कर्बला के शहीदों के मसाएब पढ़े जिसके बाद शबीहों को बरामद किया गया। संचालन आरशी वास्ती दिल्ली व शोएब जैदी मोहम्मद सिप्तैन नागपुरी ने किया। आभार अध्यक्ष शौकत अली ‘मुन्ना अकेला’, कन्वीनर तहसीन शाहिद सभासद, सकलैन अहमद खां ने प्रकट किया।



