डेढ़ घंटे विलंब से पहुंचा दमकल 2 घंटे तक आवागमन रहा बंद
सिकरारा। स्थानीय थाना क्षेत्र के गुलजरगंज बाजार के पास से होकर गुजर रही दिल्ली से वाराणसी के लिए जा रही एक एसी बस आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग व गुलजार गंज प्रतापगंज बाजार के बॉर्डर पर अचानक आग लग गई और देखते ही देखते धूं-धूं कर जलने लगी। उक्त दृश्य को देखते ही लोगों में हफरा-तफरी मच गई। सभी लोग अपने आप को घरों में ताला लगाकर बाहर भाग लिए घटना की सूचना पाते ही थाना अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह अपने हमराहियों के साथ मौके पर पहुंच गए और देखते ही देखते मौके पर हजारों लोगों के भीड भी एकत्रित हो गई। लेकिन सभी लोग मूकदर्शक बने रहे डर की वजह से कोई भी जलती हुई बस के नजदीक जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। बता दें कि उक्त बस करीब डेढ़ घंटे तक लगातार बस धूं-धूं करके जलती रही। दमकल विभाग को सूचना तुरंत दे दी गई थी, लेकिन डेढ़ घंटे विलंब की वजह से बस पूरी तरह से जलकर राख हो गई। सिर्फ उसका लोहे का ढांचा ही बचा हुआ है।

बस चालक कमल कुमार निवासी दिल्ली ने बताया कि 10:30बजे रात बस लेकर हम दिल्ली से रवाना हुए थे। जिसमें लगभग 35 यात्री सवार थे, मछलीशहर तक आधा यात्री उतर गए थे फिर भी लगभग 14 यात्री बच्चे थे। जब मेरी गाड़ी गुलजारगंज बाजार के पास पहुंची तो मुझे हल्का सा दुर्गंध आने लगी, जिसके बाद मैंने तीव्र गति से गाड़ी वहां से चलाते हुए 200 मीटर आगे ले जाकर एकांत मे खड़ी कर दिया और तुरंत सभी यात्रियों को गाड़ी से बाहर उतार दिया। इसके बाद बोनट खोलकर चेक करने का प्रयास किया, इतने में गाड़ी जलने लगी। बगल में एक गोंटी रखी हुई थी जिसका 60000 रुपए का सामान जल गया। लोगों का कहना है कि अगर दमकल गाड़ी समय से आ गई होती तो ना तो मेरी बस जलती ओर बगल में रखी हुई गोंटी जलती। उक्त घटना के दौरान लगभग २ घंटे पूरा दोनों तरफ से संपर्क मार्ग पर आवागमन बन्द हो गया था। दो-दो किलोमीटर लंबी गाड़ियों की कतारें लग गई थी। एक यात्री ने पूछने पर बताया कि मैं दिल्ली से अपनी मोटरसाइकिल लादा था और वाराणसी के लिए जा रहा था। वह भी इसी में जलगई बाकी बचे यात्रियों का कितना सामान जला है, इसका आंकड़ा किसी के पास नहीं है। बस चालक कमल की प्रशंसा सभी लोग कर रहे हैं। क्योंकि चालक की ही सूझबूझ से भारी हादसा होने से टल गया।



