― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरगौवंशों के संरक्षण के मामले में बतौर नोडल डॉ.आलोक जिले में अव्वल

गौवंशों के संरक्षण के मामले में बतौर नोडल डॉ.आलोक जिले में अव्वल

जौनपुर धारा, जौनपुर। बशीर बद्र की मशहूर पंक्ति ‘हम वो दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है, जिस तरफ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा।’कुछ इसी तरह अपने काम को अंजाम देने का हूनर दिखाने वाले क्षेत्र के राजकीय पशु चिकित्सालय अढ़नपुर पर तैनात पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.आलोक सिंह पालीवाल हैं। जहां वे पशु पक्षियों में सर्जरी से लेकर मेडिसिन के मामले जनपद ही नहीं पूरे पूर्वांचल में क्षेत्र का नाम रोशन कर रखे हैं। वहीं निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के मामले में नामित नोडल पशुपालन विभाग द्वारा मंगलवार को जारी रिपोर्ट में भी जनपद में विकास खण्ड का परचम लहरा कर जिले में डाक्टर पालीवाल अव्वल बन गए। बता दें कि अभी हाल ही में निराश्रित गौवंशों के संरक्षण हेतु शासन द्वारा जारी आदेश के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा जिले के प्रत्येक विकास खण्ड के लिए दो सौ गौवंशों के संरक्षण का लक्ष्य दिया गया था। महज पचीस दिन के अंदर बतौर नोडल डाक्टर पालीवाल के नेतृत्व में पशुपालन व ग्राम्य विकास ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर संरक्षण कार्य 200के सापेक्ष 300सौ का आंकड़ा पार 348 कर जनपद में रिकार्ड कायम कर दिया। वहीं दूसरे 289, तीसरे 254, चौथे 242 व पांचवें 221 निराश्रित गौवंशों के संरक्षण कार्य में क्रमशः नगरपालिका, खुटहन, बक्सा और मड़ियाहूँ के नोडल अपना स्थान बना पाए। मामले में डॉ.पालीवाल ने बताया कि एक नवम्बर से अभियान चलाकर सबसे पहले दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर से निराश्रित गौवंशों को हटाने का कार्य किया गया। तत्पश्चात ग्राम प्रधानों के सहयोग से क्षेत्र में घूम रहे निराश्रित गौवंशों को संरक्षित करने का कार्य गौशालाओं में किया गया। रणनीति बनाकर उनके द्वारा किए गए उक्त संरक्षण कार्य से जहां विभाग में पहले पायदान पर खड़े हो गए, वहीं राहगीरों और किसानों में प्रशंसा के पात्र बन गए हैं।

Share Now...