Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरखाने-पीने, बच्चे बनाने और मर जाने के लिये ही नहीं बना आपका...

खाने-पीने, बच्चे बनाने और मर जाने के लिये ही नहीं बना आपका तन

बक्सा। जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज महाराज अपने 122 दिवसीय शाकाहार-सदाचार एवं मद्यनिशेध आध्यात्मिक वैचारिक जनजागरण यात्रा के 104वें पड़ाव पर बक्सा ब्लाक के अंतिम पड़ाव मरी माई मंदिर के पास ग्राम अगरौरा बरपुर पधारे। स्थानीय जनमानस ने भावपूर्ण स्वागत किया। अपना सत्संग सन्देश सुनाते हुये संत जी ने कहा कि हमारे आपके जन्म-मरण का आधार शब्द है। शब्द पर हमारी जगत की रचना टिकी है। शब्द से ही आकाश बना, शब्द से धरती बनी, शब्द से पक्षी पहचान में आते हैं, शब्द से ही आप अपने बच्चों की बोली परखते हैं। तभी तो नानक जी ने फरमाया कि शब्दहि धरती, शब्दहि आकाशा, शब्दहि शब्द भयउ प्रकाषा।ÓÓ सगली सृष्टि शब्द के पाछे, नानक शब्द घटाघट आछे। शब्द दो प्रकार का होता है एक वर्णात्मक और दूसरा ध्वनात्मक। वर्णात्मक शब्द से हम जगत का व्यवहार करते हैं लेकिन धुनात्मक शब्द जगत में जीव को लाता और ले जाता है। मृत्यु के समय यमदूत आकर इसी शब्द की डोरी को तोड़ देते हैं, हमारा शरीर निस्तेज होकर धड़ाम से गिर जाता है। डाक्टर, वैद्य, हकीम की कोई दवा काम नहीं करती है। लोग कहते हैं कि ये मर गये, इन्तकाल हो गया। अब क्या है, रोना पीटना शुरु हो जायेगा और अपने-अपने रस्मो रिवाज के साथ ले जाकर कब्रिस्तान में दफना देंगे या लकड़ियों पर रखकर जला देंगे। आप का सारा खेल वहीं समाप्त हो जायेगा। आप सोचो! खाने-पीने, बच्चे बनाने और मर जाने के लिये ही यह मानव तन आपको नहीं मिला है बल्कि यह आपको प्रभु के भजन के लिये मिला है। इस अवसर पर ऋशिदेव श्रीवास्तव, महेन्द्र बिन्द, रविषंकर चौहान, अरुण कुमार वर्मा, सहयोगी संगत उन्नाव से डा. सहदेव सिंह, फूल चन्द, बेचेलाल, नन्दराम आदि उपस्थित रहे। जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव हेतु ग्राम मुरादपुर कोटिला ब्लाक व तह. बदलापुर के लिये प्रस्थान कर गई।