- अस्पताल परिसर में ब्लड सैंपल लेने का आरोप
- रामसरन यादव
केराकत। क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, केराकत में इन दिनों निजी पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों की गतिविधियां सवालों के घेरे में हैं। आरोप है कि प्राइवेट सेंटर संचालक खुलेआम अस्पताल परिसर में प्रवेश कर मरीजों से संपर्क कर रहे हैं और अंदर ही ब्लड सैंपल लेकर अपनी निजी लैब में जांच के लिए भेज रहे हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि निजी संचालक अस्पताल में बेखौफ घूमते देखे जा रहे हैं। यहां तक कि वे डॉक्टरों के आवास और कमरों तक पहुंचते हैं। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ मरीजों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सरकारी जांच सुविधाओं के बजाय निजी सेंटरों पर जांच कराने के लिए प्रेरित किया जाता है। अस्पताल परिसर में स्पष्ट रूप से बोर्ड लगा है कि ‘प्राइवेट अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉजी संचालकों का प्रवेश वर्जित है।Ó सुरक्षा के लिए गार्ड भी तैनात हैं, लेकिन इसके बावजूद निजी संचालकों का आना-जाना नहीं रुका। ऐसे में गार्डों की भूमिका और जवाबदेही पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कई बार निजी सेंटर कर्मियों को अस्पताल के अंदर ही मरीजों का ब्लड सैंपल लेते देखा गया है। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। बताया जाता है कि मामले की जानकारी अस्पताल प्रशासन और सीएचसी अधीक्षक को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने जिला स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो संबंधित निजी संचालकों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता दिखाते हैं और सरकारी अस्पताल की व्यवस्था व गरिमा बहाल करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।



