Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति और मानवाधिकार आयोग को भेजा ज्ञापन

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजकर घायलों को न्याय और सहायता दिलाने की मांग की।
Homeअपना जौनपुरउत्साह और एकत्व के साथ 25वें बाबा गुरबचन सिंह

उत्साह और एकत्व के साथ 25वें बाबा गुरबचन सिंह

मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का सफल समापन

जौनपुर धारा,जौनपुर। रविवार को सेवा, समर्पण और एकत्व के पावन संदेश को साकार करते हुए, 25वें बाबा गुरबचन सिंह मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य समापन संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा में हुआ। 26फरवरी 2025 से प्रारंभ हुई इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से 24सर्वश्रेष्ठ टीमों ने भाग लिया, जिनके बीच खेल कौशल और आध्यात्मिक मूल्यों का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह जानकारी देते हुए स्थानीय मीडिया सहायक उदय नारायण जायसवाल ने आगे बताया कि इस प्रतियोगिता के सेमीफाइनल चरण में भटिंडा, बरेली, आगरा और चंडीगढ़ की टीमों ने शानदार खेल प्रदर्शन कर अंतिम चार में स्थान बनाया। फाइनल मुकाबले में आगरा और भटिंडा की टीमों के बीच जबरदस्त खेल भावना देखने को मिली जिसमें आगरा टीम ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और खेल कौशल से प्रतियोगिता का अंतिम मुकाबला जीतकर विजयश्री प्राप्त की। मैन आफ द सिरिज का खिताब दीपक राजपूत (आगरा) को मिला। इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के मनोबल को ऊंचा बनाए रखने के लिए उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। संपूर्ण टूर्नामेंट सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज के निर्देशानुसार, जोगिंदर सुखीजा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि यह टूर्नामेंट मात्र प्रतिस्पर्धा का मंच नहीं था अपितु खिलाड़ियों के लिए आपसी सौहार्द्र, प्रेम और एकत्व को जीवंत रूप में अभिव्यक्त करने का माध्यम बना। टूर्नामेंट के समापन समारोह में मुख्य अतिथि एस.एल.गर्ग ने विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। यह टूर्नामेंट केवल एक खेल आयोजन नहीं था, बल्कि यह सतगुरु माता की शिक्षाओं से प्रेरित एक आध्यात्मिक अभियान था, जिसमें प्रेम, सौहार्द और विश्वबंधुत्व का उत्कृष्ट प्रदर्शन हुआ। खिलाड़ियों ने मैदान पर केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि मानवता के उच्चतम मूल्यों को अपनाने और प्रसारित करने के उद्देश्य से हिस्सा लिया।