- मिलावटखोरों पर चला प्रशासन का हंटर, 9 नमूने जांच को भेजे
जौनपुर। आगामी होली पर्व को देखते हुए मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थों की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जनपद में विशेष प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। होली के त्योहार पर रंग जमाने की तैयारियों के बीच मिलावटखोरों के नापाक मंसूबों पर पानी फेरने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कमर कस ली है। जिले में मिलावटी और सिंथेटिक खोये की आपूर्ति की आशंका को देखते हुए खाद्य विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न व्यापारिक केंद्रों और बाजारों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी में प्रमुख मिठाई व डेयरी दुकानों तथा खोया मंडी से नमूने एकत्र किए। अचानक हुई इस कार्रवाई से अन्य दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई और कई दुकानों पर त्वरित रूप से स्टॉक हटाते भी देखा गया। अधिकारियों ने संदिग्ध पाए गए खोये और अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने एकत्र कर उन्हें सील कर दिया है। इन सैंपलों को विस्तृत जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। विभाग ने साफ किया है कि लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सहायक आयुक्त(खाद्य) द्वितीय ने बताया कि 27 फरवरी को खाद्य सचल दल द्वारा जनपद के विभिन्न बाजारों में 13प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान खोया के 4 नमूने, सूजी के 2 नमूने, दूध, सरसों तेल और डोडा बर्फी के एक-एक नमूने सहित कुल 9 नमूने संग्रहीत कर जांच हेतु खाद्य विश्लेषक को भेजे गए। निरीक्षण के दौरान दो प्रतिष्ठानों पर मानव उपभोग के अयोग्य पाए जाने पर लगभग 125 किलोग्राम मिल्क केक (अनुमानित मूल्य 16,250 रुपये) तथा लगभग 100 किलोग्राम डोडा बर्फी (अनुमानित मूल्य 20,000 रुपये) को मौके पर ही नष्ट कराया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के मद्देनजर मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें।



