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Homeअपना जौनपुरशैक्षिक धरा के महान शिल्पी थे ठा. तिलकधारी सिंह

शैक्षिक धरा के महान शिल्पी थे ठा. तिलकधारी सिंह

  • टीडीपीजी कालेज में आयोजित हुआ संस्थापक दिवस समारोह
  • अतिथियों ने चित्र पर अर्पित किये श्रद्धासुमन

जौनपुर धारा, जौनपुर। तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्थापक दिवस समारोह का आयोजन बलरामपुर हाल में आयोजित किया गया। इस मौके पर अतिथियों ने दीप प्रज्वलित व ठा. तिलकधारी सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।

मुख्य अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर पंजाब सिंह ने कहाकि तिलकधारी सिंह द्वारा स्थापित यह शैक्षिक मंदिर मालवीय जी के समकालीन है। तिलकधारी स्िांह ने जनपद के लिए महामना मालवीय जैसे कार्य किए हैं। वैश्विक परिदृश्य में देखा जाए तो पूर्वांचल का यह क्षेत्र शिक्षा के लिए विशेष माना जाता है उसमें कहीं न कहीं तिलकधारी महाविद्यालय भी जुड़ा हुआ है। किसी भी महाविद्यालय की खूबसूरती वहां का शैक्षिक वातावरण है। बच्चों में एक अच्छी सृजनात्मकता यहां के शिक्षक पैदा करें तिलकधारी सिंह की यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. एसके सिंह ने कहा कि स्व. ठाकुर तिलकधारी सिंह महान तपस्वी एवं शिक्षा शिल्पी रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पद्मश्री ख्यातिप्राप्त साहित्यकार विद्या बिंदु सिंह ने कहा कि तिलकधारी सिंह का नाम ही समाज का नेतृत्व करने वाला था, वह इस समाज के शैक्षिक विधा के ऐसे शिल्पी थे जिन्होंने आज शिक्षा के क्षेत्र में पूर्वांचलवासियों के लिए अप्रतिम शिक्षा मंदिर का निर्माण किया है, वह शैक्षिक धरा के महान शिल्पी थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि महाविद्यालय अपने पूर्व गरिमा के अनुसार कार्य करें यही ठाकुर तिलकधारी सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। महाविद्यालय प्रबंध समिति के प्रबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महाविद्यालय में एक सृजनात्मक शैक्षिक वातावरण तथा महाविद्यालय का चतुर्दिक विकास ही हमारी प्रथम बरीयता है और यही तिलकधारी सिंह के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में आए हुए समस्त अतिथियों का आभार प्राचार्य प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह ने व्यक्त किया। महाविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए प्रोफेसर आरएन ओझा ने महाविद्यालय से जुड़ी समस्त उपलब्धियों को कार्यक्रम में सभी के सामने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बोलते हुए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार सिंह ने कहा कि यह महाविद्यालय पूरे उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अप्रतिम उदाहरण है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर समर बहादुर सिंह ने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं संयोजित तरीके से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पूर्व प्राचार्य डॉ. राधेश्याम सिंह, डॉ. विनोद कुमार सिंह डॉ. अरुण कुमार सिंह डॉ. सरोज सिंह डॉ. डीआर सिंह, डॉ. दिनेश सिंह बब्बू, दुष्यंत सिंह एडवोकेट, संजय सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, वीरेंद्र सिंह, डॉ. उपेंद्र सिंह, डॉक्टर सुभाष सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख सुरेंद्र सिंह तथा महाविद्यालय के मुख्य अनुशास्ता एवं कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर राजीव रतन सिंह, प्रोफेसर अरुण कुमार चतुर्वेदी,  डॉ. अशोक रघुवंशी, प्रोफेसर दल सिंगार सिंह, प्रोफेसर ज्ञानेंद्रधर दुबे, प्रो. वंदना दुबे, प्रो. सुषमा सिंह, प्रोफेसर शशी सिंह, प्रो. रीता सिंह, डॉक्टर माया सिंह, डॉ. हिमांशु सिंह   डॉ. मनोज कुमार सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।

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