- कई विद्यालयों में अनुपस्थित मिले शिक्षक, छात्र उपस्थिति भी बेहद कम
जौनपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.गोरखनाथ पटेल ने गुरुवार व शनिवार को विकास खण्ड रामनगर, बरसठी तथा मछलीशहर के परिषदीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की संख्या, पठन-पाठन की स्थिति, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और विद्यालयों की साफ-सफाई की बारीकी से समीक्षा की।
निरीक्षण में कई विद्यालयों की व्यवस्था संतोषजनक रही, वहीं कई जगह गंभीर लापरवाही सामने आई। बीएसए ने जहां उपस्थिति व शिक्षण स्तर कमजोर पाया, वहां प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों के विरुद्ध वेतन/मानदेय रोकने और शो-काज नोटिस जारी करने की कार्रवाई की।
- निरीक्षण में उजागर हुई खामियां
नामांकित 183 में से केवल 20 छात्र उपस्थित मिले। प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित कई शिक्षक बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए। बीएसए ने वेतन रोकने के आदेश दिए।
- कम्पोजिट विद्यालय नारायणपुर, रामनगर
347 में से 173 छात्र उपस्थित रहे। कक्षा 7 के विद्यार्थियों से गणित पूछने पर केवल 2 ने सही उत्तर दिया। आईसीटी लैब की सामग्री अनुपयोगी रखी मिली।
- कम्पोजिट विद्यालय हरद्वारी, बरसठी
320 में से 228 छात्र उपस्थित रहे। अधिगम स्तर कमजोर मिलने व आय-व्यय पंजिका अद्यतन न होने पर पूरे स्टाफ का वेतन रोका गया।
- सनातन धर्म पूर्व माध्यमिक विद्यालय भिदुना, मछलीशहर
84 नामांकित में सिर्फ 10 छात्र उपस्थित पाए गए। पंजिका अद्यतन न करने पर प्रधानाध्यापक का वेतन रोक दिया गया।
- अन्य विद्यालय
भिदुना, भाटाडीह व जमुहर के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में भी उपस्थिति कम, अधिगम स्तर कमजोर तथा सफाई की कमी पाई गई। कई स्थानों पर कर्मचारियों की अनधिकृत अनुपस्थिति भी मिली।
- बीएसए ने दिए सख्त निर्देश
डॉ.गोरखनाथ पटेल ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व अनुशासन विद्यालयों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने, अध्यापन स्तर सुधारने, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर निगरानी रखने और विभागीय योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही यह भी कहा कि औचक निरीक्षणों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाना तथा विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।



