- परीक्षा केंद्र बनाने को लेकर हुई नोकझोंक धमकी
- कर्मचारी संघ ने किया विरोध प्रदर्शन घंटे भर कामकाज बंद रखा
- कुलपति से विधिक कार्रवाई की मांग आन्दोलन की चेतावनी
जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सहायक कुलसचिव से शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने दुर्व्यवहार किया। जिसकी शिकायत सहायक कुलसचिव ने कुलपति को देकर विधिक कार्रवाई की मांग की। दुर्व्यवहार की खबर लगते ही कर्मचारी संघ ने विरोध प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय का कामकाज एक घंटे के लिए बंद रखा।
विश्वविद्यालय की स्नातक तृतीय व परास्नातक अंतिम वर्ष की मुख्य परीक्षाएं कराए जाने के लिए परीक्षा केंद्र का निर्धारण किया। यह परीक्षाएं आजमगढ़ मऊ के साथ गाजीपुर जौनपुर में भी होनी है। जिसमें स्नातक तृतीय वर्ष के व्यक्तिगत व संस्थागत सभी छात्र व स्नातक द्वितीय वर्ष के भूतपूर्व छात्रों की परीक्षा होनी है। जिसकी परीक्षा केंद्र की सूची बनाकर सहायक कुलसचिव अजीत कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डाल दिया। उनका आरोप है कि सूची देखते ही परीक्षा संचालन समिति के सदस्य व शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ.विजय प्रताप सिंह व महामंत्री डॉ.राहुल सिंह उनके कार्यालय में घुस गए और कहां की आपने बिना हमसे पूछे परीक्षा केंद्र का निर्धारण कैसे कर दिया। उन्होंने कहा कि मऊ आजमगढ़ का बटवारा हो चुका है वहां दूसरा शिक्षक संघ काम कर रहा हैं। इसलिए आप लोगों का कोई दायित्व नही बनता हैं इसलिए सलाह लेने की कोई जरूरत नहीं है। आरोप है कि सघं अध्यक्ष महामंत्री भड़क उठे और उनके साथ नोकझोंक दुर्व्यवहार अनाप-शनाप बोलने के साथ मारने की धमकी देने लगे। जिससे नाराज कर्मचारियों ने कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह, महामंत्री रमेश यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय का मुख्य गेट कामकाज एक घंटे के लिए बंद कर दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने कुलपति से मिलकर मांग की कि उनके ऊपर विधिक कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज कराया जाए। उधर सहायक कुलसचिव अजीत कुमार सिंह ने कुलपति प्रो.निर्मला एस मौर्य को लिखित पत्र देते हुए विधिक कार्रवाई की मांग की। जबकि वहीं कुछ लोगों का कहना है कि जब वह परीक्षा संचालन समिति में हैं तो उनका दायित्व है कि सेंटर व उड़ाका दल निर्धारण में उन्हें भी शामिल किया जाए और उनके सहमति पर परीक्षा केंद्र का निर्धारण किया जाए।
आजमगढ़ मऊ अब दूसरे विश्वविद्यालय से संचालित हो रहा है। वहां सिर्फ स्नातक तृतीय वर्ष के संस्थागत द्वितीय वर्ष के भूतपूर्व छात्रों की परीक्षा पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जिम्मे है और परीक्षा कराने के लिए नियमानुसार परीक्षा केंद्र का निर्धारण कर दिया है, शिक्षक संघ की वहां भूमिका समाप्त हो चुकी है, इसलिए दखल देने की जरूरत नहीं। वह प्रबंधकों से सुविधा शुल्क लेने के लिए हस्तक्षेप कर अपनी मनमानी करना चाहते हैं। जो विश्वविद्यालय कतई होने नहीं होने देगा और इन लोगों के ऊपर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- अजीत प्रताप सिंह – सहायक कुलसचिव
शिक्षक संघ के अध्यक्ष व महामंत्री परीक्षा केंद्र बनाने में मनमानी करते हैं कालेजों से मोटी रकम वसूलते हैं और विश्वविद्यालय के कामकाज में हस्तक्षेप करना व दुर्व्यवहार किया है वह गलत किया है। कुलपति से मांग की है कि विश्वविद्यालय में इन्हें आने से रोक लगाई है और सभी समितियों से बाहर किया जाए, उनके खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
- नंद किशोर सिंह अध्यक्ष-कर्मचारी संघ



