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Homeअपना जौनपुरव्यवस्थाओं में जुटा पुरा विभाग, फिर भी समस्याओं ने नहीं निजात

व्यवस्थाओं में जुटा पुरा विभाग, फिर भी समस्याओं ने नहीं निजात

  • कही खुले में रखा तो कहीं पोल सहित लटक रहा ट्रांसफॉर्मर
  • कुर्सी पर बैठकर कमर तोड़ते हैं जिम्मेदार अधिकारी

जौनपुर। बिजली किल्लत को दूर करने के सरकारी प्रयास कारगर नहीं साबित हो रहे हैं। विद्युत विभाग बिल समय पर जमा करने का दबाव तो उपभोक्ताओं पर खूब बनाती है, लेकिन जब बात अपने संसाधनों को सुधारने की आती है तो उतना उत्साह नहीं दिखाता है। पूरे शहर में लटकती तारे व ट्रांसफार्मर के खुले बाक्स लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। विभाग न तो तारों को बदल रहा है और न ही ट्रांसफार्मरों की सुरक्षित रखने करने के लिए कोई कदम उठा रहा है। जौनपुर धारा ने नगर भ्रमण किया तो कई स्थानों पर बिजली के खंभे जर्जर नजर आए। हालांकि खंभों व तारों को बदलने का कार्य हुआ है, लेकिन हालात अभी संतोषजनक नहीं हैं। विभाग ने टेंडर देकर खम्भें तो लगवा दिये लेकिन उनके शिफ्टींग किये बिना ही कम्पनी का सारा भुगतान कर दिया। इसमें विभाग के तरफ से बड़ा झोल किया गया।

कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर की दयनीय हालत के कारण लोग सहमे रहते हैं। कचहरी रोड के किनारे अम्बेडकर तिराहे के पास ही दो स्थानों पर ट्रांसफार्मर खुले हैं, वहीं से तमाम डीएम आवास सहित तमाम वीआईपी लोगों का अक्सर आना जाना भी लगा रहता है। डिस्कॉम की अनदेखी के चलते कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर जमीन के पास रखे ट्रांसफार्मर सहित झूलते तार हादसों को न्यौता दे रहे हैं। नगर के अतिव्यस्थम व वीआईपी इलाकों में ओलन्दगंज से लेकर कचहरी तक अगर एक चक्कर लगा लिया जाये ५०प्रतिशत खम्भा जर्जर अवस्था में मिलेगा। कई पोल तो ऐसे है जिनके स्थान पर दूसरा पोल तो लगा दिया है लेकिन उसपर तारों की शिफ्टींग करना ही भूल गया है। नगर के रोडवेज से कचहरी मार्ग पर एक ट्रांसफार्मर तो ऐसा लगा है कि मानों कब वह गिरकर बड़े हादसे घटना को अंजाम दे दे नहीं कहा जा सकता है। बता दें कि नगर में बीते दिनों एक कम्पनी को तमाम पूराने व जर्जर पोल को बदलने का काम दिया गया था। इस दौरान नगर के अधिकांश काम तो कागजों तक ही सिमित रह गयें, तो कई स्थानों पर पोल लगाने के बावजूद शिफ्टींग नहीं किया गया। जिससे विद्युत व्यवस्थाओं पर लाखों खर्च होने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। सूत्रों की माने तो इसमें विभागीय बंदरवांट हो गया।

बरसात शुरू होते ही करंट का खतरा चार गुना

डिस्कॉम के अधिकारियों की लापरवाही के चलते कस्बे में जगह-जगह खुले में बिना कोई सुरक्षा के ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। जिनसे कभी भी इस बरसात के मौसम में बड़ा हादसा हो सकता है, थोड़ी सी बारिश में ही ट्रांसफार्मर से करंट दौड़ना शुरू हो जाता है। इन ट्रांसफार्मरों से कई लोगों व पशुओं को करंट लग चुका है। कई स्थानों पर कस्बे में विद्युत लाइन है लूज होने के चलते घटना होने की आशंका बनी हुई है।

ट्रांसफार्मरों के चारों तरफ नहीं है सुरक्षा जाल

नगर में अम्बेडकर तिराहे के पास स्थित डीएम आवास मोड़ पर ही रखे ट्रांसफार्मर पर सुरक्षा जाल नहीं होने के कारण हादसा होने की आशंका बनी रहती है। लोगों ने बताया ट्रांसफार्मर खुले में रखे हुए है। उनके तार भी बहुत नीचे पड़े रहते है, जिनमें करंट रहता है। ट्रांसफार्मर एवं तार से दूर रहने के लिए उनके चारों तरफ कोई भी सावधानी बोर्ड भी नहीं लगा है। बारिश के मौसम में करंट आने के हादसे और बढ़ जाते है। हांलाकि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ो वाहन विभाग और सत्ता पक्ष के जन प्रतिनिधियों की गुजरती है।

पोल सहित लटके ट्रासंफार्मर, तो पेड़ से छू रहे हाईटेंशन तार

विद्युत विभाग भले ही बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने का दावा कर रहा हो, लेकिन शहर में पोल सहित लटके ट्रांसफार्मर व हाईटेंशन लाइन को छू रहे पेड़ इसकी हकीकत बयां कर रहे हैं। ट्रांसफार्मर के पास तक लोगों की आवाजाही रहती है। यह हाल शहर के रोडवेज से कचहरी के तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग व ट्रैक्टर एजेंसी के सामने का है, जहाँयह पोल अगर ट्रांसफॉर्मर लेकर गिरा तो, कितना बड़ा हादसा हो सकता है इसका अंदाजा विभाग को नहीं है। विभाग के क्षेत्रिय अधिकारी तो बस लाइन कैसे चल जाये इस पर जोर देंते है, लेकिन किस कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है, इसपर कोई रूचि नहीं रखतें। जिससे ये छोटी-छोटी समस्याएं कब बड़ी हो जातीं हैं पता ही नहीं चलता है।

हाइवे पर भी पोल गिरने का खतरा

नगर के व्यस्थतम लाइन बाजार चौराहा वाराणसी-लखनऊ मार्ग पर बिजली का खम्भा लटका हुआ है, और उसपर से ही हाई टेंशन तार व लोगों के घरों तक जाने वाली सप्लाई चालू है। २४घंटों के लिये चालू इस मार्ग पर इस तरह की लापरवाही किसी हादसे को दावत नहीं तो और क्या है। विभाग शिर्षाधिकारियों के नजर में खुद की पीठ थपथपाती रहती है, लेकिन धरातल पर इसकी स्थिति बेहद दयनी बनी हुई है। यही हाल रोडवेज तिराहे पर भी है जहाँटेढे पोल के नीचे बसों को खड़ाकर यात्रियों की प्रतीक्षा चालक व परिचालक करतें हैं।

यह है विभाग का हाल

खरका तिराहे के पास मुख्य तिराहे पर पोल टेढ़ा हो गया है उसी पर और बिजली आपूर्ति की जा रही है। यहाँ भी पोल की अवस्था कुछ ठीक नहीं है। विभाग में बैठे जिम्मेदार अधिकारी कौन से विकास कार्य को गति दें रहें हैं, यह सड़क पर पड़े खराब पोल और जर्जर तारों की अवस्था से लगाया जा सकता है। यह हाल कलेक्ट्री चाराहे से मियापुर मार्ग पर स्थित एक पोल का भी है।

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