- पुलिस प्रताड़ना का लगाया आरोप
जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के मजीठी गांव निवासी एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद रविवार को ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने पुलिस प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए प्रयागराज मार्ग स्थित लोहिंदा चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने-बुझाने में जुट गया। मृतक की पत्नी वंदना सिंह ने आरोप लगाया कि उनके पति संतोष सिंह के खिलाफ गांव की एक महिला द्वारा कुछ दिन पहले छेड़खानी और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसे उन्होंने फर्जी बताया। उनका कहना है कि गांव के बृजेश जायसवाल से एक व्यक्ति का विवाद चल रहा था, जिसमें उनके पति ने बृजेश जायसवाल के खिलाफ गवाही दी थी। इसी रंजिश में बृजेश जायसवाल ने अपनी पत्नी सुमन जायसवाल के माध्यम से उनके पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। परिजनों का आरोप है कि मुकदमे के बाद पुलिसकर्मी लगातार संतोष सिंह को फोन कर और घर जाकर 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे तथा पैसे न देने पर जेल भेजने की धमकी दे रहे थे। इस मानसिक तनाव के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए प्रयागराज स्थित स्वरूप रानी अस्पताल ले गए, जहां रविवार को उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और शव को लोहिंदा चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। वे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस संबंध में थानाध्यक्ष तरुण श्रीवास्तव ने बताया कि मृतक के खिलाफ मुकदमा दर्ज था। पुलिस पर लगाए गए प्रताड़ना के आरोप निराधार हैं। पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



