मुजफ्फरनगर. इंसान के अंदर की प्रतिभा कभी भी किसी भी परिस्थिति में निकलकर सामने आ सकती है. जब लॉकडाउन लगा तो लोगों के पास समय ही समय था. बहुत से लोगों ने खाली समय में अपनी प्रतिभा को निखारा. इन प्रतिभावान लोगों में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के एक छात्र का नाम भी शामिल है.गांधी कॉलोनी वर्मा पार्क निवासी जितेंद्र शर्मा के छोटे बेटे तुषार ने घर में पड़े कबाड़ से कमाल कर दिया. उनकी यह प्रतिभा लॉकडाउन के समय निखर कर सामने आई. तब तुषार ने भी अखबार की रद्दी से कई अद्भुत कलाकृतियां बनाई.जिसको लोग आज न्यूज पेपर क्राफ्ट के नाम से जानते हैं.
तुषार ने अखबार की रद्दी और माचिस की तीलियों का इस्तेमाल कर राममंदिर का मॉडल बना कर तैयार किया. मंदिर को बनाने में तुषार को 1 सप्ताह का समय लगा. मंदिर के फाउंडेशन के लिए 1500 स्टिक्स बनाई और मंदिर की बुर्जी तैयार की. तुषार ने रात को जाग जाग कर वेस्ट अखबारों को एक नया रूप देने का भी काम किया. तुषार का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है. जानकारी देते हुए तुषार ने बताया, ‘मैंने लॉकडाउन में अखबार की रद्दी से मॉडल बनाना शुरू किया था. मैंने लॉकडाउन में सबसे पहला मॉडल राम मंदिर का बना कर तैयार किया था. मेरे द्वारा राम मंदिर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, लाल किला,लाइट हाउस ,स्वर्ण मंदिर सहित लगभग 60 मॉडल तैयार किये जा चुके है, जोकि सभी मॉडल अखबार की रद्दी से बने हुए है. तुषार ने बताया हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी लोगों से अपील की थी कि सभी लोग अपने घरों में रहे. लेकिन किसी न किसी कार्य में व्यस्त रहें. तो मैंने उनकी बातों को अपने दिल और दिमाग में रखकर अपने आपको बिजी रखना शुरु कर दिया. मैंने अखबार की रद्दी से राम मंदिर को तैयार किया. इसीलिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही अपनी प्रेरणा का स्रोत मानता हूं.



