बसपा सुप्रीमो मायावती पहले भी कई बार अपने बयानों में कह चुकी हैं कि सपा भाजपा का सामना नहीं कर सकती है। मुसलमान सपा को समर्थन करने पर विचार करें।
रविवार को उन्होंने ट्वीट कर रामपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सपा की हार पर सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं ये भाजपा व सपा की मिलीभगत तो नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सपा को समर्थन करने वाले मुसलमान समाज को चिंतन करने की जरूरी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यूपी के मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में सपा की हुई जीत किन्तु रामपुर विधानसभा उपचुनाव में आजम खान की खास सीट पर योजनाबद्ध कम वोटिंग करवा कर सपा की पहली बार हुई हार पर यह चर्चा काफी गर्म है कि कहीं यह सब सपा व भाजपा की अन्दरुनी मिलीभगत का ही परिणाम तो नहीं? इस बारे में खासकर मुस्लिम समाज को काफी चिन्तन करने व समझने की भी जरूरत है ताकि आगे होने वाले चुनाव में धोखा खाने से बचा जा सके। खतौली विधानसभा की सीट पर भाजपा की हुई हार को भी लेकर वहां काफी सन्देह बना हुआ है, यह भी सोचने की बात है।



