जौनपुर धारा, चंदवक। संत शिरोमणि रविदास की रसड़ा में आयोजित जयंती समारोह को संबोधित करते हुए विधायक तुफानी सरोज ने कहाकि रविदास ने यह साबित कर दिखाया कि मानव अपने कर्म से छोटा बड़ा होता है जाति से नहीं।
उन्होंने अपने कर्मयोग के तपोबल से समाज में स्थापित किया कि कर्म ही प्रधान है। तर्क व तपोबल से सबकों परास्त किया। उनमें निहित कर्मयोग की विलक्षण प्रतिभा से प्रभावित होकर महारानी मीराबाई संत रविदास की शिष्या बनी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. जीता राम, डॉ. केएल सोनकर, घनश्याम सिंह ने रविदास के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेन्द्र बौद्ध व संचालन जय प्रकाश राम ने किया। इस अवसर पर राजाराम, लहरू यादव, सुदर्शन मौर्य, संजय विश्वकर्मा, शिव कुमार, अम्बिका प्रसाद, अशोक महाजन, राजेश कुमार, रामधनी राम सहित अन्य लोग उपस्थित थे।


