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Homeअपना जौनपुरब्रह्मज्ञान से ही सार्थक होता है मानव जीवन : राजेश महाराज

ब्रह्मज्ञान से ही सार्थक होता है मानव जीवन : राजेश महाराज

  • इमामपुर में वार्षिक धन निरंकारी संत समागम आयोजित, बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद

खुटहन। क्षेत्र के इमामपुर गांव में मंगलवार को आयोजित वार्षिक धन निरंकारी संत समागम में भदोही से पधारे ज्ञान प्रचारक राजेश जी महाराज ने कहा कि मानव जीवन का मूल उद्देश्य ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति करना है। ब्रह्मज्ञान के बिना मानव जीवन पशु के समान हो जाता है, क्योंकि यही ज्ञान मनुष्य को सही दिशा और जीवन की सार्थकता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आज का मानव अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। वह पूजा-पाठ भी करता है तो अपने आत्मिक कल्याण के बजाय भौतिक सुख-सुविधाओं—जैसे घर, गाड़ी, बच्चों की नौकरी, धन-दौलत और शारीरिक सुख—की कामना करता है, जो कि उसकी सबसे बड़ी भूल है। यदि मनुष्य ब्रह्मज्ञान को प्राप्त कर ले तो उसकी दशा और दिशा दोनों बदल सकती हैं। इसलिए इंसान को अपने ईष्ट से भौतिक वस्तुओं के बजाय आत्मिक कल्याण की कामना करनी चाहिए। राजेश महाराज ने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि ज्ञान की प्राप्ति कैसे होगी। ब्रह्मज्ञान प्राप्ति की सीढ़ी का पहला पायदान सद्गुरु होते हैं। उनके बताए मार्ग पर पूर्ण विश्वास के साथ चलकर ही सच्चे ज्ञान को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रभु कहीं दूर नहीं हैं, बल्कि या तो हम उन्हें दूर से देख रहे हैं या फिर गुरूर से देख रहे हैं। समागम में खुटहन मुखी कृष्णा प्रसाद श्रीवास्तव, शंकर दयाल मुखी, डॉ. आरपी सिंह, विनोद यादव, संतलाल सोनी (प्रधान), अमित सोनी, मनोज सोनी, मुलायम सोनी, आनन्द सोनी, राम अचल, राधा सोनी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजित राम ने किया, जबकि आयोजक शिवशंकर सेठ ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया।

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