जौनपुर धारा, जौनपुर। मंगलवार को दीवानी कचहरी में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब तीन बदमाशो ने पुलिस अभिरक्षा में आए आरोपियों को दीवानी परिसर मैं दौड़ा कर गोली मारी दी गई। वहीं परिसर के प्रवेश द्वार पर सूरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों के तैनात रहने के बावजूद इस तरह की घटना सूरक्षा व्यवस्था में सेंध लगने से कम नहीं।
दीवानी न्यायालय परिसर में हत्या व हत्या के प्रयास के आरोप में जेल से पेशी पर आए एक अभियुक्त पर को 3 बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसके एक के पीठ व दूसरे के बाजू में गोली लगने से दोनों घायल हो गये। मौके से दो बदमाश फरार हो गया जबकि एक को वकीलों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के कमरुद्दीनपुर गांव निवासी सूर्य प्रताप राय पुत्र संतोष राय को न्यायालय में पेशी पर लाया गया था, तभी घात लगाकर बैठे तीन बदमाशों ने अंधाधुन फायिंरग शुरू कर दी। गोली की आवाज सुनते ही कचहरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई और वकीलों ने दौड़ा कर एक हमलावर को पकड़ लिया। सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंची और घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गोली सूर्यप्रताप के पीठ व सरैया निवासी मिथलेश गिरी के बाजू पर लगी। इस दौरान वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने बदमाश की जमकर पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया। दीवानी न्यायालय जैसे भीड़भाड़ इलाके में गोली चलने की घटना पूरे शहर में आग की तरह फैल गई। वहीं सवाल यह उठा है कि आखिर यह बदमाश बंदूक लेकर अंदर कैसे पहुंच गया।

बादल यादव हत्या मामले में थी पेशी
गौराबादशाहपुर क्षेत्र के धर्मापुर बाजार में 06 मई 2022 की शाम अंडे की दुकान पर अंडा खाने को लेकर हुए विवाद में ठकुरची गांव निवासी बादल यादव पहलवान व उतरगांवा निवासी अंकित यादव को चाकू मारकर घायल कर दिया गया था। जिला अस्पताल में बादल यादव की मौत हो गई थी। हत्या के इस मामले में सरैया निवासी मिथिलेश गिरी, कबिरूद्दीनपुर निवासी सूर्य प्रकाश राय सहित चार आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में बादल यादव का भाई श्रवण गवाह था। मंगलवार को 12 बजे चारों की सीजेएम के न्यायालय में पेशी रही। पुलिस चोरों आरोपितों को जेल से लाकर न्यायालय में पेशी के लिए ले जा रही थी।
हत्या मामले गवाह था श्रवण यादव
इस दौरान अधिवक्ताओं सहित पेशी पर आए आरोपितों के स्वजन ने दौड़ाकर गोली मारने वाले श्रवण यादव को पकड़ लिया और पिटाई शुरू कर दी। पहुंची पुलिस ने किसी तरह उसे लोगों से छुड़ाकर कब्जे में ले लिया। वहीं गोली से घायल मिथिलेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि जिस हत्या के मामले में आरोपितों की पेशी थी उसी में श्रवण गवाह है। उसने गोली क्यों मारी इसकी जांच की जा रही है।

वकीलो की सुरक्षा खतरे में
दीवानी परिसर में जहा पर श्रवण यादव ने आरोपियों को गोली मारी वहां पर पूर्व अध्यक्ष प्रेम शंकर मिश्र व वर्तमान अध्यक्ष जितेन्द्र नाथ उपाध्याय व बचाव पक्ष के अधिवक्ता अवधेश सिंह का चेंबर हैं। किसी के साथ कोई भी भी घटना हो सकती थी। लेकिन बचाव पक्ष के अधिवक्ता के चैम्बर के सामने आरोपित को गोली मारना अधिवक्ता के जान को खतरा पहुँचा सकता था।
न्यायालयों की सुरक्षा खतरे में
न्यायालय परिसर में गोली चलाने वाला बदमाश श्रवण यादव की आज गवाही सत्र न्यायालय में सत्र परीक्षण संख्या 353/22 में हुई और वह असलहा लेकर सत्र न्यायालय में उपस्थित रहा और उसकी कोई भी जांच सुरक्षाकर्मियों द्वारा नहीं किए जाने पर न्यायालय के कर्मी व जज भी खतरे में आ सकतें थे।
पुलिस को 300 मीटर आने मे लगे 40 मिनट
गोली गोलीबारी की घटना होने के बाद मात्र 300मीटर दूर स्थित लाइन बाजार थाना अध्यक्ष 40मिनट बाद मौके पर पहुंचे। पश्चात एएसपी व सीओ पुरुष पुलिसकर्मियों ने पहुँचकर न्यायालय परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। अब यह प्रश्न उठता है कि 300 मीटर आने में पुलिस को 40 मिनट लग गए अगर यही हाल रहा तो न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था कैसे रहेगी।
बार के अध्यक्ष का हुआ घेराव
घटना के बाद दीवानी के युवा अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष जितेंद्र नाथ उपाध्याय का घेराव किया और कल दिनांक 17-5-2022 को सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर जनरल बॉडी मीटिंग बुलाने की मांग की।



