- अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश, तहसील में मची खलबली
- अधिवक्ताओं से मिलकर सुनी समस्या, अधिवक्ताओं ने तहसील में जर्जर भवन व भ्रष्टाचार का उठाया मुद्दा
जौनपुर धारा, मछलीशहर। जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने तहसील व अस्पताल का औचक निरीक्षण करने के उपरान्त आवश्यक दिशा निर्देश दिया वहीं अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही का भी निर्देश दिया। उनके निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर में खलबली मची रही। अधिवक्ताओं से मिलकर तहसील की समस्याओं से अवगत हुये। अधिवक्ताओं ने तहसील में जर्जर भवन व भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया।
प्रभारी मंत्री सबसे पहले उपजिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचे। कोई कर्मचारी पटल पर उपस्थित न देख तहसीलदार मूसा राम को कार्यवाही का निर्देश दिया। उपजिलाधिकारी राजेश कुमार चौरसिया परीक्षा केंद्र निरीक्षण कार्य में व्यस्त रहने के कारण तहसील में नहीं मिले। सभी न्यायालयों, कार्यालयों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का फोटो लगाने का निर्देश दिये। इसके बाद नायब तहसीलदार सुजानगंज, मुंगरा व कस्बा के न्यायालय में बाहरी कर्मचारी देख विफर गये। उपस्थित पंजिका देखे तो दस में चार कर्मचारी पूरी फरवरी अनुपस्थित रहे। अधिकांश कर्मचारी कार्यालय से नदारत रहे। कार्यवाही का निर्देश दिया। अधिवक्ताओं से मिलकर उनकी समस्या सुनी। वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र मणि शुक्ला सहित सभी अधिवक्ताओं ने तहसील के जर्जर भवन व तहसील में राजस्व निरीक्षक व लेखपाल द्वारा पैमाइश व अन्य कार्य के लिये अवैध धन वसूली का आरोप लगाया तो एसडीएम को कार्यवाही का निर्देश दिया। इस अवसर पर एमएलसी प्रिंन्शु सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह, उपजिलाधिकारी राजेश कुमार चौरसिया, क्षेत्राधिकारी अतर सिंह आदि उपस्थित थे। इसीक्रम में प्रभारी मंत्री दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँच सर्वप्रथम मरीजों के पंजीकरण रजिस्टर चेक किया। इसके बाद दवाइयों की मौजूदगी की जानकारी ले रहे थे तभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ.विशाल यादव पहुंच गए। प्रभारी मंत्री उन्हें लेकर इमरजेंसी वार्ड में गए जहाँ इमरजेंसी का तैनात कोई भी कर्मचारी या चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अधीक्षक से इमरजेंसी रजिस्टर मांगा किन्तु काफी समय तक उपलब्ध नहीं हो सका। वह एमलसी बृजेश सिंह को रजिस्टर चेक कर आने को कहा और वे वहाँ से कोरोना वार्ड चेक करने पहुंचे जहां दो कर्मचारी मौजूद मिले जबकि एक गायब मिला। इसके बाद उन्होंने चिकित्सक कक्ष का निरीक्षण किया जहां डॉ. अग्रहरि, डॉ. सिद्दीकी, डॉ. स्वतंत्र कुमार मरीज देखते मौजूद मिले। इसके बाद उन्होंने शौचालय दिखवाया जहाँ भारी गंदगी मिली। गंदगी देख मंत्री अधीक्षक के ऊपर विफर पड़े। उन्होंने स्वंय अधीक्षक को शौचालय में जाने को कहा। इसके बाद वह सीएचसी की दूसरे महले पर जाने लगे जहाँ छत पर जमे पेड़ की जड़ को देखकर अधीक्षक से जल्द जल्द हटवाने का निर्देश दिया। दूसरी मंजिल पर आयुष्मान कार्ड का रजिस्ट्रेशन चेक किया। वहाँ गलत ढंग से लगी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति, डॉ. भीमराव अबेडकर की वीडियोग्राफी कराई।



