- विधि-विधान से पूजा अर्चन के बाद विसर्जन हेतु निकली शोभायात्रा

जौनपुर। मंगलवार को भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धा के समीप गोमती तट पर बने शक्ति कुंड में शुक्रवार को देर शाम से आरंभ हुआ, जो अगले दिन तड़के सुबह तक चलता रहा। समूचा विसर्जन घाट गणपति बप्पा मोरया के जयकारे से गूंजता रहा। शाम को महासमिति से जुड़ी सभी प्रतिमाएं अहियापुर के पास पहुंची। जहाँ शाम 7बजे पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया। उसके बाद प्रतिमाओं की लम्बी शोभायात्रा कोतवाली चौराहे के रास्ते विसर्जन घाट पर पहुंची।

सद्भावना पुल और विसर्जन घाट पर मेले जैसा माहौल रहा। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को विसर्जन के लिए गणेश प्रतिमा को सायंकाल छ: बजे से अहियापुर तिराहे पर क्रमबद्ध तरीके से कतार में समितियों ने झांकी लगाई। प्रतिमा को क्रम में लगाने के बाद लगे महासमिति के कैम्प पर सूचना देकर नंबर लिया गया। शोभायात्रा अहियापुर मोड़ से सुतहट्टी बाजार, सब्जी मंडी होते हुए कोतवाली चौराहे के रास्ते चहारसू चौराहा, ओलंदगंज, गुरुद्वारा होते हुए प्रतिमा विसर्जन घाट नखास तक पहुँची। कोतवाली चौराहे पर प्रतिमाओं के पहुंचने के बाद मौजूद अतिथियों की उपस्थिति में बारी-बारी से प्रतिमाओं को विसर्जन घाट तक भेजा गया। शोभायात्रा का मूल्यांकन निर्णायक मंडल के सदस्य अंजना सिंह, उर्वशी सिंह, सोम वर्मा, निरज शाह सहित आदि ने किया। स्वयंसेवी संगठनों ने जगह-जगह प्याऊ और मेडिकल कैम्प की व्यवस्था की थी। महासमिति के अध्यक्ष संजय जाण्वानी ने बताया कि हर बार की भाँति इस बार भी गणपति बप्पा के प्रतिमाओं का विसर्जन नियमानुसार कराया जा रहा है। इस बार कुछ प्रतिमाएं बढ़ी है। महासमिति के महासचिव दीपक जावा, उपाध्यक्ष मनोज मौर्य, विशाल खत्री, आदर्श सेठ संतोष पाण्डेय, कोषाध्यक्ष प्रिंस सेठ, सचिव प्रमोद ओमर, रंजीत गुप्ता, अभिषेक सेठ, अखिलेश मौर्य आदि ने विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम में अरशद कुरैशी, कैलाशनाथ यादव, आनंद उपाध्याय, अतुल सिंह, अखिलेश सिंह, शशांक सिंह रानू, चंदशेखर निषाद, मनोज यादव, विक्रम मौर्य, डॉ.हर्षित गुप्ता, अनिल अस्थाना, जगदीश विश्वकर्मा आदि लोग उपस्थित रहें।
विसर्जन के समय नम हुई श्रद्घालुओं की आंखें

जौनपुर। घरों में भी गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने ढोल बाजे के साथ अपने घरों में भी गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापित किया था। अगले 7 दिनों तक भगवान श्रीगणेश की स्थापित मूर्ति की पूजा अर्चना के साथ चलता रहा। 7 दिन की लग्न व पूजा-अर्चना के बाद गणेश की प्रतिमा को मंत्रोचार के साथ विसर्जित किया गया। ताड़तला में सत्यप्रकाश के घर में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति की पूजा पंडित कुंदन चतुर्वेदी ने यजमान जयकिशन सेठ व उनकी पत्नी गुड़िया वर्मा के द्वारा कराया। जिसका शुक्रवार की सुबह ही विसर्जन कर दिया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया, भगवान गणेश की जय के जयकारे लगाए। इस दौरान गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन करने गये श्रद्धालुओं ने नम आखों से बप्पा की विदाई की। इस दौरान पूजा में शामिल सरोज सोनी, किरन सोनी, विराट सोनी, धारा सोनी, सूरज सेठ, सुमन सेठ, सौरभ गुप्ता, रामसागर बिन्द, शिवकुमार सेठ, सौरभ गुप्ता, धीरज सेठ विराट सोनी, धारा सोनी, परी, चुनचुन सहित समस्त क्षेत्रवासी उपस्थित रहें।



