जौनपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (नवीन) के प्रांतीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव जिला इकाई के पदाधिकारियों के साथ शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां डीआईओएस तथा वित्त एवं लेखाधिकारी—दोनों अधिकारियों के कक्ष बंद मिले। अधिकारियों से मुलाकात न हो पाने के कारण शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका। शिक्षक संघ का आरोप है कि शिक्षकों से संबंधित पत्रावलियां लंबे समय से विभिन्न पटलों पर लंबित पड़ी हैं और धूल फांक रही हैं, जिससे न केवल शिक्षक उत्पीड़ित हैं बल्कि सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। जिला अध्यक्ष राज केशर यादव ने कहा कि कार्यालय में अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण बाबू बेलगाम हो गए हैं और मनमानी कर रहे हैं। शिक्षकों का कोई भी कार्य नहीं हो पा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है और इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रांतीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यशैली से वर्तमान सरकार की ‘सबका साथ, सबका विकासÓ की नीति और नीयत पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीआईओएस कार्यालय का कार्य अधिकारी के आवास पर संचालित हो रहा है, जहां संगठन जाना उचित नहीं समझता।उन्होंने बताया कि सहदेव इंटर कॉलेज, भोड़ा के शिक्षक अशोक कुमार, जितेंद्र कुमार, सुदीप सिंह, दयाशंकर यादव तथा पंचशील इंटर कॉलेज, फतेहगंज के शिक्षक राजेंद्र प्रसाद यादव का अवशेष देयक कई महीनों से लंबित है। अधिकारियों के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से शिक्षक समुदाय एवं उनका संगठन अत्यंत नाराज और आक्रोशित है। प्रांतीय अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ और शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो संगठन बोर्ड परीक्षाओं में सहयोग अथवा असहयोग को लेकर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगा। इस दौरान जिला अध्यक्ष राज केशर यादव, जिला संयुक्त मंत्री विजय प्रकाश गौतम, रामपाल, जय प्रकाश यादव, कृष्ण कुमार, आनंद कुमार, इंद्रेश कुमार, संतोष कुमार सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
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डीआईओएस कार्यालय में अधिकारियों के न मिलने पर शिक्षक संघ में आक्रोश



