- हत्यारा तथा लूट के आरोपितों की घेराबंदी कर पुलिस को सौंपे थे ग्रामीण
जौनपुर धारा, खुटहन। स्थानीय थाना पुलिस का मुख्यकाम क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखते हुए अपराधियों को जेल की सलाखों में भेजने का है। वांछित अपराधियों को पकड़ने में वर्दीधारी के अलावा किसी अन्य लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना यदि लुटेरा या हत्यारे की घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा और पुलिस को सौंपे दिए हो तो ऐसे हालात में पुलिस को उन जांबाजों का मुरीद होकर उनको सम्मान व प्रशस्ति पत्र देने के साथ अपराधियों के खिलाफ आगे भी सहयोग के लिए प्रेरित करना चाहिए। जब कि यहां हालत ठीक इसके उलट है। दिन दहाड़े सर्राफा कारोबारी से लूट के तथा दूसरी घटना में हत्यारोपित को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। लुटेरे को पुलिस ने अज्ञात दिखा दिया। हत्यारोपित को खुद गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। गत 27जनवरी को इमामपुर गांव निवासी सर्राफा कारोबारी श्रीराम सोनी साइकिल में गहना रखा हुआ झोला टांगकर फेरी कर बेचने जा रहे थे। बड़नपुर गांव के गेट के बगल मोबाइल टावर के पास दो बाईकों से चार बदमाश उन्हें रोक असलहे से धमकाकर गहनों का झोला छीनने लगे। श्रीराम के शोर मचाने पर आस पास के ग्रामीण ललकारते हुए मौके की तरफ दौड़े। खुद को घिरता देख बदमाश झोला छोड़ भागने लगे। घेराबंदी कर ग्रामीणों ने एक लुटेरे को अपाचे बाइक के साथ पकड़ लिया। जिसने अपना नाम सिकंदर व निवासी आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के बड़ौना बर्रा गांव निवासी कबूल किया था। इसका बीडीओ भी इंटरनेट मीडिया पर खूब प्रसारित हुआ था। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस लुटेरे को हिरासत में ले लिया था। उस समय मौके पर दर्जनों की संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे। बावजूद इसके पुलिस ने मामले में चारों लुटेरों को अज्ञात मानकर लूट का केस दर्ज कर लिया। इसी तरह गत रविवार की रात जमुनिया हिसामुद्दीनपुर गांव में पत्नी उमा के साथ साढ़ू के घर आये सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के नागनाथपुर गांव निवासी रंजीत बिंद का नशे की हालत में रात को किसी बात को लेकर पत्नी उमा से झगड़ा हो गया। बीच बचाव करने आयी उमा की बड़ी बहन रूबी पर ही रंजीत ने ईंट से हमला कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। शोरगुल सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आरोपित जीजा रंजीत को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। बाद में पहुंची पुलिस उसे हिरासत में ले ली। यहां भी ग्रामीणों की बहादुरी का श्रेय खुद लेने में पुलिस दो कदम आगे रही। घटना के दूसरे दिन आरोपित के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर पुलिस ने बिशुनपुर बाजार के मोड़ से उसकी गिरफ्तारी दिखा दिया। पुलिस का रवैया यह साबित कर रहा है कि सभी झूठें हैं,जो वह खुद करे वही मात्र सच्चाई है।


