सूरजकुंड में स्नान करने से खत्म हो जाते है सारे चर्म रोग
जौनपुर धारा, जौनपुर। सरायख्वाजा का ऐतिहासिक परम्परागत भादों छठ मेला रविवार को लगेगा। पहले से दुकान लगाना शुरू कर दिए गए है, इस मेले में किसानों व घरेलू उपयोग के लकड़ी के बने सामानों के जगह-जगह स्टॉल लगाते हैं और मेला परिसर में साफ-सफाई का पूरा इंतजाम ग्राम प्रधान करवा दिए है।
भादों छठ मेले की परंपरा काफी पुरानी है, सरायख्वाजा बाजार के बगल एक सूरजकुंड तालाब है। जिसमें लोगों का मानना है कि इस तालाब में नहाने से लोगों को दाद, खाज, खुजली, सफेद दाग जैसे रोगों से मुक्ति मिलती है। मेले में पूर्वांचल क्षेत्र के ही नही बल्कि अन्य प्रांतों से भी लोग आते हैं। एक सप्ताह पहले से ही तीन किलोमीटर की दुरी शाहगंज-जौनपुर मार्ग पर लकड़ी से बने सामान हल, मेज, कुर्सी, स्टूल, चौका, बेलन एवं किसानों के लिए खुरपी, हंसिया, कुदाल, फरसा आदि की दुकानें लगने लगी है। जिला कृषि विभाग द्वारा मेला क्षेत्र में विभिन्न कम्पनियों के ट्रैक्टर, चार पहिया वाहन, बाइक, जनरेटर के स्टाल भी लगाए जाते हैं। इसमें क्षेत्रीय कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। मेले को भव्य बनाने के लिए ग्राम प्रधान पति संतोष सिंह ने पहले से ही साफ-सफाई करवा दिए। इस मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई थानों की पुलिस फोर्स लगाई जाती हैं।
3 किमी दूरी पर लगतें हैं खिलौने, झूला व लकड़ी की दुकान
सरायख्वाजा बाजार में जौनपुर-शाहगंज मार्ग पर 3 किलोमीटर दूरी में झूला खिलौने व लकड़ी की दुकान लगाई जाती है। दो दिन पहले से ही झूला लकड़ी, खिलौने की दुकान सजने लगी। लोग दूर जरा से भादो छठ मेला देखने व आनंद लेने आते हैं और खिलौने लकड़ी के समान की खरीदारी भी करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वर्ष मेले में अधिक बिक्री होगी इसलिए 2 दिन पूर्व से ही दुकान सजने लगे वही मेलो को लेकर सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र की पुलिस पहले से चकाचौधा दिख रही है मेले के दिन रूट डायवर्ट किया जाएगा प्रशासन द्वारा पहले से तैयारी कर ली गई है।



