प्रबन्धक ने दी पीड़ित को साइबर क्राइम सेल में जाने की सलाह
जौनपुर धारा, जौनपुर। रिजर्व बैंक आफ इण्डिया के द्वारा जहां समय समय पर ग्राहकों को ठगी का शिकार होने से सावधान रहने के लिए दिशा निर्देश दिया जाता है वहीं उसके बावजूद आए दिन लोग ठगी का शिकार होते देखे जा रहे हैं। कुछ ऐसा ही मामला सुल्तानपुर जनपद के अखण्डनगर थानान्तर्गत जमालपुर निवासी पेशे से एक शिक्षक के साथ घटित हुआ। बताया जाता है कि पेशे से उक्त शिक्षक राजकरन पुत्र सहबू शनिवार को अपनी मोबाईल से अपने नजदीकी राजेश कुमार के खाते में पांच हजार भेज रहा था, उसी दौरान उक्त धनराशि अन्य के खाते में चली गई जिसकी वापसी के लिए पीड़ित शिक्षक ने गूगल की सहायता से यूनियन बैंक का टोल प्रâी नम्बर निकाला। गूगल से मिले नम्बर 06297295708 पर सम्पर्क करने पर शिक्षक को एनी रिफण्ड ऐप डाऊनलोड करने को कहा गया। उक्त ऐप को डाऊनलोड करने में माँगी गई सूचनाओं को पूरा कर जैसे ही वह आगे बढ़ा कि उसके खाते से चार बार में तीन लाख चौबीस हजार पांच सौ रुपए की धनराशि के कटने का मैसेज आया। धन निकासी की सूचना पर पीड़ित हतप्रभ रह गया। फिलहाल मामले में पीड़ित शिक्षक क्षेत्र के अरसिया स्थित यूनियन बैंक की शाखा पहुंचकर प्रबन्धक से आप बीती सुनाई जहां प्रबन्धक अनुज ने पीड़ित को साइबर क्राइम सेल में जाने की सलाह दी वहीं उन्होंने मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। मामले में शाखा प्रबन्धक ने बताया कि टोल प्रâी नम्बर हमेशा 1800 से शुरू होता ह। उक्त नम्बर गलत है फिलहाल लोग इस घटना से हतप्रभ दिखे।



