
- डिपो निरीक्षण के दौरान भड़के क्षेत्रीय प्रबन्धक
- बसों की दुर्व्यवस्थाओं को लेकर सीनियर फोरमैन रोका गया वेतन : आरएम
- जौनपुर धारा के खबरों को संज्ञान लेकर गौरव वर्मा की कार्यवाही
जौनपुर धारा,जौनपुर। शनिवार को सुबह लगभग 9.30 बजे क्षेत्रीय प्रबन्धक गौरव वर्मा ने जौनपुर डिपो का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान रोडवेज परिसर में खामियों को देख वे फोरमैन व अन्य कर्मचारियों पर विफर पड़े तथा सीनियर फोरमैन हरिशरण शुक्ला को एक सप्ताह में बसों की व्यवस्था में सुधार लाने की हिदायत देते हुए कठोर कार्यवाही की बात कही।
ज्ञातव्य हो कि जौनपुर डिपो पर बसों की खामियों को लेकर जौनपुर धारा ने लगातार खबरों को प्रकाशित कर दुर्व्यवस्थाओं को उजागर किया जिसे संज्ञान में लेते हुए शनिवार को आरएम वाराणसी गौरव वर्मा अचानक जौनपुर रोड़वेज पर आ धमके और बारी-बारी से व्यवस्थाओं को जायजा लेने लगे। इस दौरान उन्होंने पाया कि कई बसों का गेयर बॉक्स खराब अवस्था में था वहीं गाड़ी की बॉडी कंडीशन बहुत ज्यादा खराब थी जिसे रिजनल वर्कशॉप में मरम्मत के लिये भेजने का निर्देश दिया। आरएम ने बताया कि पहले से ही मार्ग बोर्ड को दुरूस्त कराने के लिये फोरमैन के पास बजट भेजा गया था लेकिन अभी तक मार्ग बोर्ड दुरूस्त नहीं हो सका जिस कारण फोरमैन पर कार्यवाही के लिये शासन को लिखा गया है। आगे उन्होंने बताया कि पहले से गाड़ियों में सुधार तो हुआ है लेकिन अभी भी तीन-चार गाड़ियों में सीटों की व्यवस्था गड़बड़ है। सभी बसों को दुरूस्त कराने के लिये सीनियर फोरमैर को एक सप्ताह का समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्टेशन के सौंदर्यीकरण के लिये विशेष लाइटों की व्यवस्था की जा रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि एआरएम का अपने कार्य के प्रति रवैया लुंज-पुंज ही है। उन्हें भी अल्टीमेटम दिया गया है और उनकी इस कार्यप्रणाली से शासन को अवगत कराया गया है। कुछ दिन पूर्व परिसर में कार्यरत कर्मचारियों को इधर से उधर किया गया है। जरूरत पड़ी तो जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्रीय प्रबन्धक से बातचीत के कुछ अंश
- सवाल : स्टेशन पर शौचालय का गन्दा पानी बहता रहता है?
- जवाब : स्टेशन पर शौचालय के लिये पहले ही बजट पास कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था को हिदायत दी गई है सोमवार से सारी व्यवस्थायें दुरूस्त हो जायेंगी।
- सवाल : कई बार वर्कशॉप के निरीक्षण और निर्देश देने के बाद भी बसों की अवस्था में सुधार नही हो पा रहा है?
- जवाब : वर्कशॉप गैरजिम्मेदाराना रवैया के लिये सीनियर फोरमैन का दो माह से वेतन रोका गया है। हिदायत दिया गया है कि विभाग ने जो सामान की व्यवस्था कराई है और जौनपुर के लिये अलग से बजट भी दिया गया है। उसके बाद भी अगर मामलों में सुधार नहीं आता है तो फोरमैन के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही की जायेगी।
- सवाल : चालक-परिचालकों ने बताया कि जिन बसों की खबरों के माध्यम से शिकायत मिलती है उसे वर्कशॉप में खड़ी करा दिया जाता है?
- जवाब : इसके लिये विभाग से क्षेत्रिय स्तर पर एक ग्रुप बनाकर काम किया जा रहा है जिसमें जिन गाड़ियों की शिकायत या ब्रेक डाउन किया जा रहा है उन्हे 24 घण्टे के भीतर सही कराया जायेगा, ऐसा न करने पर समस्त जिम्मेदारी सीनियर फोरमैन की होगी।



