जौनपुर। जनपद के नगर पालिका क्षेत्र के वाजिदपुर उत्तरी में सड़क किनारे चल रहा इंटरलॉकिंग का कार्य इन दिनों चर्चा और विवादों का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यहाँ हो रहा निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों के विपरीत है और इसमें भारी अनियमितता बरती जा रही है।
निर्माण कार्य के नियमों के अनुसार, इंटरलॉकिंग से पहले जमीन पर पत्थर की गिट्टी (बेस) डाली जानी अनिवार्य है ताकि सड़क की मजबूती बनी रहे। लेकिन यहाँ ठेकेदार और विभाग की मिलीभगत से बिना पत्थर की गिट्टी डाले ही सीधे मिट्टी के ऊपर ईंटें बिछाई जा रही हैं।
यह कार्य न केवल गुणवत्ता विहीन है, बल्कि सरकारी धन का सरासर दुरुपयोग भी है। स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि बिना ठोस आधार के बिछाई जा रही ये इंटरलॉकिंग ईंटें पहली बारिश में ही धंस जाएंगी, जिससे मोटरसाइकिल सवारों और पैदल चलने वालों के लिए नया खतरा पैदा हो जाएगा। क्षेत्र के सजग नागरिकों ने मांग की है कि उच्चाधिकारी इस भ्रष्टाचार का संज्ञान लें और कार्य रुकवाकर मानक के अनुरूप पत्थर की गिट्टी डलवाकर पुन: निर्माण कराएं।



