जौनपुर धारा,जौनपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन जनपद न्यायाधीश वाणी रंजन अग्रवाल की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन व कुशल निर्देशन तथा रंजीत कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नोडल अधिकारी लोक अदालत, प्रशांत कुमार सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की देखरेख में न्यायालय परिसर जौनपुर में 13 जुलाई को किया गया।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश वाणी रंजन अग्रवाल ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर रीता कौशिक प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, समस्त अपर जनपद न्यायाधीशगण, अपर प्रधान न्यायाधीशगण तथा समस्त सिविल व फौजदारी न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लम्बित 3001 एवं राजस्व न्यायालयों तथा प्रशासन के अन्य विभागों में प्रीलिटिगेशन वाद कुल 31591 अर्थात कुल 34592मामलें निस्तारित हुए तथा समझौता राशि कुल रू0 9,56,77,033 रुपये की गई। प्रभारी पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण अपर्णा देव द्वारा क्षतिपूर्ति के 40 मुकदमें लगाये गये जिनमें से 36मामलों का निस्तारण कराते हुए कुल रू.3,09,43,000 रुपये की धनराशि क्षतिपूर्ति याचीगण को दिलायी गयी। पारिवारिक न्यायालयों में 204 मुकदमों को निस्तारित हुआ, जिसमें पीड़ि़ता को मु.1,68,11,000रूपये की समझौता राशि प्रदान करायी गयी। इसी क्रम में विभिन्न मजिस्ट्रेट न्यायालयों द्वारा 2710 शमनीय फौजदारी वादों को निस्तारित किया गया। जिनमें रू.2,16,863का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया। एन.आई.एक्ट के 02मामलों का निस्तारण करायागया तथा अन्य प्रकार के 25मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें समझौता राशि रू.8,900 दिलाया गया। सिविल न्यायालय में कुल 24 मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें उत्तराधिकार के मामलों में मु.38,71,583 रूपये का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। प्री-लिटिगेशन स्तर पर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों एवं पुलिस विभाग द्वारा भी मामलों का निस्तारण कराया गया, जिसमें राजस्व न्यायालयों फौजदारी के 1531 वादों, राजस्व के 322 वाद एवं अन्य प्रकार के 28,791 व नगर पालिका द्वारा जलकर से सम्बन्धित 22वादों, विद्युत बिल से सम्बन्धित 3 वादों मामलों का निस्तारण किया गया। बैंक/फाइनेंस कम्पनी एवं बीएसएनएल आदि के रिकवरी से सम्बन्धित 918 प्री-लिटिगेशन वाद निस्तारित किये गये तथा जिसमें मु.4,38,25,687 रुपये का समझौता किया गया। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 34592 मामलों का निस्तारण किया गया। जिसमें कुल रू.9,56,77,033 रुपये की धनराशि पर समझौता किया गया।



