जौनपुर के केराकत क्षेत्र में बुधवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। चौकिया शिवालय के पास पीएनजी पाइपलाइन के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में मिट्टी धंसने से बिहार के दो श्रमिकों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
चौकिया शिवालय के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार चौकिया गांव में सड़क किनारे इंडियन ऑयल-अडाणी गैस परियोजना के तहत विचित्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा पीएनजी पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था।
बैकहो लोडर से लगभग 15 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था और निकाली गई मिट्टी को किनारे ही जमा कर दिया गया था।
मिट्टी धंसने से दो श्रमिक दबे
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के भलुवीं सिकंदर गांव निवासी निरंजन, प्रिंस कुमार और शशिरंजन गड्ढे में उतरकर पाइपलाइन की वेल्डिंग की तैयारी कर रहे थे।
इसी दौरान ऊपर रखी मिट्टी अचानक नीचे घिसक गई, जिससे निरंजन और प्रिंस कुमार मिट्टी के नीचे दब गए। वहीं थोड़ी दूरी पर होने के कारण शशिरंजन किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा।
रात में चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम शैलेंद्र कुमार और सीओ केराकत अजीत रजक मौके पर पहुंच गए।
बचाव कार्य के लिए फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। काफी प्रयास के बाद रात करीब 10:45 बजे प्रिंस कुमार का शव गड्ढे से निकाला गया।
परिवार की जिम्मेदारी निभाने आए थे मजदूर
मृतक निरंजन अपने पिता रामा महतो की चार संतानों में तीसरे नंबर पर था और फीटर का काम करता था। उसकी शादी करीब 12 वर्ष पहले महा कुमारी से हुई थी और उसके तीन बच्चे हैं।
वहीं प्रिंस कुमार अविवाहित था और दो भाइयों में बड़ा था। वह पिछले दो वर्षों से परिवार की आजीविका चलाने के लिए हेल्पर के रूप में काम कर रहा था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार ऐसे कार्यों में श्रमिकों को अक्सर सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते। गड्ढे में उतरकर काम करने के बावजूद उनकी सुरक्षा को लेकर ठेकेदार की ओर से पर्याप्त सावधानी नहीं बरती जाती।
जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।



