- मन्दिरों व पंडालों में पूरे 9 दिनों तक चलेगा अराधना
जौनपुर धारा, जौनपुर। आज से शारदीय नवरात्र शुरू हो गए हैं। मंदिरों से लेकर दुर्गा पंडालों व घरों में तैयारियां बुधवार देर शाम तक चलती रहीं। पूजा सामग्री आदि खरीदने को लेकर बाजार में चहल पहल बढ़ गई। घरों में कलश स्थापना के साथ नौ दिनों तक चलने वाले अनुष्ठानों के लिए तैयारियां पूरी कर ली गईं।
शारदीय नवरात्र को लेकर तैयारियां शुरू हो अन्तिम रूप की ओर है। श्राद पक्ष पूर्ण होने के साथ ही 3 अक्टूबर से नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा की आराधना होगी। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना की जाएगी। इस बार शारदीय नवरात्रि 3 से 12 अक्टूबर तक चलेंगे। नवरात्र के आखिरी 3 दिन बहुत ही खास माने जाते है। इसमें दुर्गा सप्तमी, अष्टमी और नवमी हैं। माता की प्रतिमाएं स्थापित कर नौ दिनों तक पूजन किया जाएगा। शहर के माता मंदिरों में घट स्थापना होगी। सनातन धर्म में नवरात्र पर्व बहुत ही खास है। नवरात्र के 9 दिन मां दुर्गा को समर्पित किए जाते हैं। मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना की जाती है। बताते चलें कि नवरात्र पर कलश स्थापना का बड़ा महत्व होता है। गुरुवार से शारदीय नवरात्र का प्रारंभ हो रहा है। बताया गया कि गुरुवार को कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त 11:30 से 12:30 बजे का है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना होती है। इन दिनों में मातारानी की विशेष आराधना की जाती है। पूर्वांचल के आस्था का केन्द्र शीतला चौकियां धाम मंदिर, मैहर देवी मंदिर सहित सभी मंदिरों में नवरात्र मनाने के लिए तैयारियां शुरू है। नवरात्र के दिन लोग मंदिरों में जाकर जहां माता की पूजा अर्चना करते हैं वहीं महिलाएं सामूहिक रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ भी करती हैं। नवरात्रि पर्व के साथ ही त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही बाजारों में रौनक देखने को मिलेगी।
नवरात्र के नौ दिनों में माता अलग-अलग रूप की पूजा
मां शैलपुत्री (पहला दिन) प्रतिपदा तिथि
मां ब्रह्मचारिणी (दूसरा दिन) द्वितीया
मां चंद्रघंटा (तीसरा दिन) तृतीया
मां कुष्मांडा (चौथा दिन) चतुर्थी
मां स्कंदमाता (पांचवा दिन) पंचमी
मां कात्यायनी (छठा दिन) षष्ठी
मां कालरात्रि (सातवां दिन) सप्तमी
मां महागौरी (आठवां दिन) दुर्गाष्टमी महानवमी, (नौवां दिन) शरद नवरात्र व्रत पारणा



