जब अधर्म की काली छाया दुनिया पर हावी होने लगेगी, तब पृथ्वी पर जन्म लेगा एक दिव्य अवतार-कल्कि, जो अधर्म का विनाश करके धर्म की पुनर्स्थापना करेगा। फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ इसी भविष्यवाणी को साकार करती है, और इसे अश्वत्थामा की अमर गाथा से जोड़ती है। अश्वत्थामा वह योद्धा है, जो शापित होकर अनंत काल तक पृथ्वी पर भटकने को मजबूर है। इस ब्लॉकबस्टर फिल्म में जबर्दस्त विजुअल्स के साथ एक अद्भुत संसार नजर आएगा, जिसमें अमिताभ बच्चन इस शापित महायोद्धा की भूमिका निभा रहे हैं। अपनी कला के माहिर निर्देशक नाग अश्विन की कल्पना से जन्मी ‘कल्कि 2898 एडी’ भारतीय सिनेमा के लिए एक नया अध्याय साबित हुई है। अपने शानदार वीएफएक्स, बेमिसाल दृश्यों के अलावा पुराणों एवं भविष्य की दुनिया के अनोखे संगम के साथ, यह फिल्म एक ऐसा सिनेमाई अनुभव लेकर आई है, जिसे पहले कभी नहीं देखा गया। चाहे भव्य युद्ध हों या कल्पनाओं के शहर, हर सीन इतनी बारीकी से गढ़ा गया है कि लगेगा, जैसे आप उसी दुनिया का हिस्सा हैं। द्वापरयुग में जब कौरवों और पांडवों के बीच महाभारत का युद्ध हुआ था, तब कौरवों की सेना के महारथी-गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा ने पांडवों के कुल का नाश करने के लिए एक गर्भवती स्त्री पर ब्रह्मास्त्र चलाया था। इससे क्रोधित होकर श्री कृष्ण ने अश्वत्थामा को अमरता का श्राप दिया था, जिसके कारण वे हमेशा-हमेशा के लिए जीवित रहकर पृथ्वी पर पीड़ा सहने को मजबूर हो गुए। इस एपिक ब्लॉकबस्टर के प्रीमियर को लेकर निर्देशक नाग अश्विन ने कहा, ‘मैं पौराणिक फिल्मों में बचपन से ही महायुद्ध देखता आया हूं, और ‘कल्कि 2898 एडी’ को साकार करना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। मेरा पहला शॉट अमिताभ बच्चन जी के साथ था, और वह पल हमेशा मेरे लिए यादगार रहेगा। वे न सिर्फ एक महानायक हैं, बल्कि हमारे देश के पहले और सबसे बड़े एक्शन हीरो भी हैं। सच कहूं, तो पूरी कास्ट के साथ काम करना ही एक सौभाग्य था, लेकिन इस फिल्म को खास बनाने वाली असली चीज़ थी हमारी पूरी टीम की मेहनत और लगन।‘कल्कि’ के अनोखे संसार को गढ़ने में जितनी तैयारी और मेहनत लगी है, वह कल्पना से भी परे है।
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