जौनपुर। नगर कोतवाली क्षेत्र के बलुआ घाट स्थित शास्त्री पुल पर बुधवार की शाम करीब सात बजे पहुंची एक महिला ने अपने पहले मासूम बेटी को गोमती नदी में फेंका फिर खुद भी छलांग लगा दी। वहां मौजूद गोताखारों ने तीन युवतियों और एक युवक ने मां को बचा लिया, लेकिन बेटी नहीं मिली। उसकी तलाश रात नौ बजे तक होती रही। मिली जानकारी के अनुसार मेजारोड प्रयागराज निवासी 22वर्षीय नूरजहां बेगम ने वाराणसी के डीएलडब्लयू निवासी एक युवक से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद एक तीन वर्षीय एक बेटी है। पुलिस के अनुसार, इधर बीच किसी बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद हो गया। इससे नाराज होकर वह जौनपुर आ गई। शाम करीब सात बजे नूरजहां शास्त्री पुल पर पहुंची और थोड़ी देर रुककर अचानक अपनी बेटी को नदी में फेंका और पुल पर मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते तब तक वह खुद भी छलांग लगा दी। घटना के समय मछुआरा समुदाय के कुछ युवक और युवतियां नीचे थे। उन्होने तत्काल नाव से महिला को बचाने का प्रयास किया। घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर मियांपुर घाट से नूरजहां को बचा लिया गया, लेकिन मासूम नहीं मिली। महिला को बचाने वालों में रिमा, चांदनी, अंजली और इंद्रजीत शामिल रहे। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि महिला को बचा लिया गया है। वह अपने पति से नाराज होकर यहां आई है। यहां कैसे आई इसके बारे में पता किया जा रहा है, मासूम बच्ची का पता नहीं चल सका।
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3 साल की बच्ची के साथ नदी में कूदी महिला, मां तो बच गई, बेटी बह गई

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