झांसी. यूपी के झांसी जिला कारागार में डकैती के आरोप में सजा काट रहे 101 साल के कैदी हीरालाल की मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई. हीरालाल को दो साल पहले डकैती के मामले में 5 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी. तब से वह जेल में बंद थे. जानकारी के मुताबिक, 4 दिन पहले जेल में कैदी हीरालाल की तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद मेडिकल कॉलेज में एडमिट करवाया गया था. इलाज के दौरान हीरालाल की मौत हो गई. हीरालाल जिला कारागार में सजा काट रहे कैदियों में सबसे बुजुर्ग कैदी था.
जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल का कहना है कि हीरालाल (101) वर्ष पुत्र मनू पाल कटेरा के चिरकना गांव का रहने वाला था. कुछ समय पहले उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उल्दन थाना क्षेत्र में मंदिर में डकैती डाली थी. इसके आरोप में पुलिस ने हीरालाल को गिरफ्तार किया था. लंबी सुनवाई के बाद 9 फरवरी 2021 को कोर्ट ने डकैती एक्ट में 5 साल के कारावास की सजा सुनाई हुई थी, तब से हीरालाल जिला जेल में बंद था.
प्रेमिका के साथ रहते थे चाचा: नारायण
कैदी हीरालाल की मौत की सूचना पर रिश्ते में भतीजा नारायण झांसी पहुंचा. भतीजे नारायण ने बताया कि उसके चाचा अपने प्रेमिका के साथ रहते थे. दरअसल गांव में मजदूरी करने के दौरान चाचा की पड़ोस की एक महिला से दोस्ती हो गई थी. कुछ समय बाद दोस्ती प्यार में बदल गई. फिर हीरालाल और महिला एक साथ रहने लगे. महिला और हीरालाल के बच्चों की मौत हो चुकी है. साथ ही भतीजे ने कहा कि डर के मारे कभी उनसे मिलने नहीं आया, लेकिन अब मौत की सूचना मिली है तो आया हूं.
भतीजे को सौंपा गया शव
वहीं, इस बाबत जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल का कहना है कि जेल मैं सजा काट रहे कैदी हीरालाल की 25 फरवरी को तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी. तबीयत खराब होने पर हीरालाल को मेडिकल कॉलेज में एडमिट करवाया गया था. यहां इलाज के दौरान मंगलवार की रात को उसकी मौत हो गई. जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल के कहना है कि कैदी हीरालाल के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव भतीजे नारायण को सौंप दिया गया है.



