जौनपुर धारा, जौनपुर। सुइथाकला क्षेत्र के सुइथाकला गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन मंगलवार को कथा वाचक द्वारा सुदामा चरित के साथ किया गया। श्रद्धालु स्रोता भाव विभोर होकर कथा वाचक और आयोजक के प्रति आभार जताते दिखे। गांव निवासी राम चन्दर लाल श्रीवास्तव के आवास पर 15नवम्बर से चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन मंगलवार को कथावाचक पं.हरिचयन सांडिल्य जी महाराज द्वारा सुदामा चरित के साथ किया गया। इस दौरान उन्होंने व्यास गद्दी से कथा के माध्यम से समाज में निःस्वार्थ भाव से मैत्री सम्बन्धों को निर्वहन करने पर बल दिया। उन्होंने कृष्ण सुदामा की मित्रता का वर्णन करते हुए समाज में समता और बन्धुत्व के भाव को जगाने का संदेश दिया। इसके पूर्व आयोजक द्वारा परम्परागत ढंग से भागवत पुराण और व्यास गद्दी का पूजन अर्चन किया गया। तत्पश्चात आरती और प्रसाद वितरण कर कथा का समापन हुआ। इस दौरान श्रद्धालु स्रोता भाव विभोर होकर कथा वाचक और आयोजक के प्रति आभार जताते दिखे। इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी जयसिंह पुर शिवशंकर मिश्र, पूर्व प्रधानाचार्य डॉ.रणजीत सिंह, डॉ.रणंजय सिंह, सुधाकर सिंह व विनय कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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सुदामा चरित के साथ ही सम्पन्न हुई भागवत कथा

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