केराकत। लखनऊ में आयोजित सेकंड इंटरनेशनल ओपन कराटे चैंपियनशिप में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सिल्वर मेंडल जीतकर पैतृक गांव सेनापुर पहुंची खिलाड़ी जिज्ञाषा सिंह रंजन का भव्य सम्मान समारोह आनंद कुमार (बैंक मैनेजर) की अध्यक्षता में किया गया।उपस्थित लोगों ने माला पहनाकर व अंग वस्त्र देकर होनहार खिलाड़ी को सम्मानित किया। जिज्ञाषा रंजन का हौसला अफजाई करते हुए आनंद कुमार ने कहा कि इंटरनेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर पदक हासिल कर जनपद ही नहीं प्रदेश का मान बढ़ाया है।इस उपलब्धि ने परिवार समेत गांव को गौरवान्वित महसूस कराया है।वही पिता शिक्षक योगेन्द्र कुमार ने बताया कि मेरा उद्देश्य है कि बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ खेलकूद में भी सफल बनाना है।जिज्ञाषा रंजन ने जीत का श्रेय गुरु सोनू यादव व अपने माता पिता को देते हुए ओलंपिक में खेलते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने की बात को कही।इस अवसर पर ओमकार (बैंक मैनेजर सेवानिवृति), स.अ. जियाउल हक,विनोद कुमार,रिक्की,सौरभ कुमार,आयुष कुमार,राजेंद्र प्रसाद समेत आदि लोग मौजूद रहे।
- जिज्ञाषा रंजन ने 35 किलोग्राम भारवर्ग में हासिल की उपलब्धि
सेकेंड इंटरनेशनल ओपन कराटे चैंपियनशिप में जिज्ञाषा सिंह रंजन ने सिल्वर पदक अपने नाम किया है। यह चैंपियनशिप कराटे जापान यामाबुकी शीटू रू कराटे डी एसोसिएशन ऑ$फ इंडिया ऑर्गेनाइजर की ओर लखनऊ में आयोजित हुई थी।चैंपियनशिप में सात देशों की टीम ने हिस्सा लिया।जिज्ञाषा रंजन ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर 35 किलोग्राम भारवर्ग में उपलब्धि हासिल की।
- भाई अपूर्व रंजन भी कई मेंडल कर चुका है अपने नाम
जिज्ञासा सिंह रंजन एक सामान्य परिवार में पली बढ़ी है वह बचपन से ही केडी कराटे एकेडमी में लगातार अभ्यासरत है पिता योगेन्द्र कुमार शिक्षक है और कोच सोनू यादव के सानिध्य में रहकर खेल की बारीकियां को सीख रही है।बड़ा भाई अपूर्व रंजन भी केडी कराटे एकेडमी का एक खिलाड़ी है जो कई मेडल अपने नाम कर चुका है



