उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक दुल्हन हाथों में मेहंदी लगाए और सज-धज कर अपने सपनों के राजकुमार का इंतजार करती रही लेकिन दहेज का लालची दूल्हा बिना स्कार्पियो गाड़ी लिए शादी करने को तैयार नहीं हुआ. दूल्हा गाड़ी नहीं मिलने से नाराज होकर बारात लेकर पहुंचा ही नहीं जबकि लड़की के परिवार वाले दूल्हे के स्वागत के लिए इंतजार करते रहे. लड़की पक्ष वाले दूल्हे के स्वागत का इतंजार करते रहे लेकिन बारात नहीं आई. यह संदेश जरूर आ गया कि अगर शादी के दौरान ही कार दो तो बारात लेकर आएंगे वरना अपनी बेटी को अपने घर में रख लो.
मामला बिजनौर के अफजलगढ़ थाना क्षेत्र का है जहां शेरगढ़ निवासी समीम अहमद ने अपनी बेटी समरीन की शादी शमशाद के साथ तय की थी. 7 जनवरी को शमशाद और समरीन की मंगनी बहुत धूमधाम के साथ हुई थी जिसमें दहेज के रूप में शमशाद को 50000 रुपये कैश और काफी सामान दिया गया था. शादी और बारात के लिए 18 जनवरी की तारीख तय की गई थी. 15 जनवरी को दूल्हा पक्ष के लोगों ने आकर दहेज में दिया जाने वाला सामान जेवर, एसी, फ्रीज, बेड, बर्तन और बुलेट मोटर साइकिल समेत करीब 25 लाख रुपये का सामान लेकर चले गए और 18 जनवरी को बारात के साथ आने का वादा किया. 18 जनवरी को समरीन दुल्हन बन सज धज कर हाथों में मेहंदी लगाकर अपने होने वाले पति का इंतजार करने लगी लेकिन शाम तक भी दूल्हा बारात लेकर नहीं आया. शादी के लिए लड़का पक्ष द्वारा स्कार्पियो गाड़ी की डिमांड से लड़की वाले परेशान हो गए और दुल्हन के पिता ने काफी मिन्नतें की फिर दूल्हा शादी के लिए तैयार नहीं हुआ. 1000 मेहमानों के लिए तैयार खाना और नाश्ता भी बर्बाद हो गया. परिवार ने इसके बाद पंचायत बुलाने का फैसला किया जिसके बाद पंचायत के लोगों ने भी लड़के पक्ष से संपर्क किया लेकिन उनके द्वारा कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया. इसके बाद लड़की के पिता ने थाने में दूल्हा सहित नौ लोगों के खिलाफ तहरीर दे दी. पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. लड़की पक्ष के लोगों का कहना है कि इस दौरान उनका 25 से 30 लाख रुपए खर्च हो चुका है. पीड़ित परिवार ने कहा कि दहेज के लालची दूल्हे ने उनकी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी इसलिए उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.



