जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर मंगलवार को पुष्पांजलि एवं विशेष व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. वंदना सिंह की प्रेरणा से आर्यभट्ट सभागार, प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान में किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्य वक्ता प्रो.हरिओम त्रिपाठी ने व्याख्यान में कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस समय महिलाओं की शिक्षा का अलख जगाया, जब समाज उन्हें शिक्षा से वंचित रखता था। उन्होंने अपने पति महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर समाज में शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय की नींव रखी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह ने कहा कि सावित्रीबाई केवल शिक्षिका ही नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन की प्रतीक थीं। उनके अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प ने महिलाओं और वंचित वर्ग के लिए शिक्षा के द्वार खोले। शिक्षा संकाय के अध्यक्ष प्रो. अजय दुबे ने कहा कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम का संचालन डॉ.नितेश जायसवाल ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सावित्रीबाई फुले के आदर्शों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ किया।
― Advertisement ―
अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
केराकत। क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों...
शिक्षा, समानता और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणा है सावित्रीबाई फुले

Previous article


