- बाजार में फलों व अन्य पूजा सामग्री की हुई खरीदारी
जौनपुर। खरना के साथ ही 36घंटे का व्रत छठ पूजा के तीन दिन का शुरू हो गया। व्रती महिलाओं ने खरना का भोजन तैयार किया और रात को भोजन ग्रहण किया। इसके बाद व्रत शुरू हो गया। इसके साथ ही महिलाओं ने गोमती के विभिन्न घाटों पर बेदी बनाया। मान्यता है कि भगवान सूर्य बुद्धि व आरोग्य के देवता हैं। इनकी आराधना से बुद्धि-विवेक और धनधान्य के अलावा कुष्ठ व चर्म रोग सहित अन्य असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है।

27नवम्बर को शाम को डूबते सूरज और 28नवम्बर को सुबह को उगते सूरज को अर्घ्य देने के साथ छठ पूजा की कठिन उपासना पूरी होगी। छठ महापर्व के दूसरे दिन खरना का पर्व मनाया गया। घरों के अलावा घाटों पर भी महिलाएं स्नान करके खरना का प्रसाद, गुड़-चावल की खीर और रोटी तैयार की। तैयार भोजन को व्रतियों ने ग्रहण किया और उसके बाद बाकि सदस्यों में बांटा गया। इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद ही व्रती महिलाओं का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाता है। इसी के साथ ही रविवार को भी महिलाओं ने बाजारों में जमकर खरीदारी की।

फल की दुकानों व पूजा सामग्री की दुकानों पर महिलाओं की लम्बी कतारें लगी रहीं। दुकानदारों ने भी सुबह से ही पूजा में लगने वाले सारे सामग्री की व्यवस्था पहले से ही कर रखा था। एक स्थान पर समस्त सामग्री मिलने से लोगों को आसानी से पूजा सामग्री मिल गई, तथा ज्यादा दौड़-भाग नहीं करना पड़ा। इसी बीच बढ़े फलों के दामों का लोगों के जेब पर सीधा असर पड़ा। वहीं जिसे के तमाम प्रशासनीक अधिकारियों ने विभिन्न घाटों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान एसपी ग्रामीण ने नगर के घाटों पर पार्किंग की व्यवस्था के साथ ही किसी को किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न ना हो इसके लिये दिशा निर्देश दिया।



