- बीएलओ चार और क्षेत्र में नजर आ रही केवल एक
जौनपुर। इन दिनों एसआईआर की के तहत फार्म भरने का कार्य जोरों पर चल रहा है। नगर भर से जो रिपोर्ट निकलकर आ रही उससे पता चल रहा है कि बीएलओ तो रोज क्षेत्र में निकल रहीं है लेकिन फार्म अब तक सही ढ़ंग से वितरण नहीं हो पा रहा है। जिसका कारण यह भी बताया जा रहा है कि बीएलओ क्षेत्र में घर-घर जाने के बजाय लोगों को अपने दर पर बुलाने का प्रयास कर रहीं हैं। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें बीएलओ से मतदाता द्वारा अपने फार्म के विषय में जानकारी हासिल करने के दौरान घर-घर जाकर फार्म वितरण की बात कहने पर ही बीएलओ प्रेमशिला झल्ला गई और डीएम-कलेक्टर बात करते हुए उसपर बरस पड़ी। मामले में जैसे ही खबर प्रकाशित हुआ। नगर के तमाम बीएलओ में हलचल मच गई। हांलाकि मामले को नगर मजिस्ट्रेट ने भी संज्ञान लिया और जांच कर कार्यवाही की बात कही। लेकिन यहां बात सिर्फ कार्यवाही की नहीं बल्कि इस बात की है कि क्या जो जिम्मेदारी बीएलओ को दी गई है उसके प्रति वह कितनी जिम्मेदार है? मामला नगर क्षेत्र के मोहल्ला ताड़तला क्षेत्र से जुड़ा है। जहाँ फार्म वितरण में घोर लापरवाही और हिटलरशाही का मामला सामने आ रहा। एक तरफ जिलाधिकारी लगातार घर-घर जाकर फार्म वितरण करने और लोगों को एसआईआर की पूर्ण जानकारी प्रदान करने का निर्देश दे रहें हैं। लेकिन धरातल पर कोई असर नहीं दिखाई पड़ा। शुक्रवार को खबर प्राकाशित होने के नगर भर की बीएलओ में कुछ एक्टिवीटी दिखी और कई क्षेत्र में जाकर फार्म भी वितरण किया गया। लेकिन हर तीसरे व्यक्ति के जुबान पर बस एक ही बात है, कि मेरा फार्म अभी तक नहीं मिला। इसका मतलब यह भी समझा जा सकता है कि बीएलओ अपना काम जिम्मेदारी से नहीं कर रहीं है। कहने को तो चार बीएलओ फार्म बांट रहीं हैं, लेकिन ताड़तला क्षेत्र के तूतीपुर रोड़ पर अभी तक केवल कुशुमलता नाम की एक बीएलओ द्वारा ही घर-घर जाकर फार्म का वितरण किया गया, अन्य किसी भी बीएलओ खबर लिखे जाने तक क्षेत्र में नहीं देखी गई। अगर इसी तरह फार्म का वितरण किया गया तो निर्वाचन आयोग द्वारा पुनिरीक्षण का कार्य अधूरा ही रह जायेगा।


