- छात्राओं की सुरक्षा व गरिमा हेतु प्रत्येक संकाय में बने ‘पिंक टॉयलेटÓ और स्थापित हों सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीनें
जौनपुर।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में व्याप्त विभिन्न अनियमितताओं और छात्र सुविधाओं के घोर अभाव के निराकरण हेतु अधिष्ठाता छात्र कल्याण को ज्ञापन सौंपा गया। अभाविप कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से महिला सुरक्षा व गरिमा, नवनिर्मित पुस्तकालय के संचालन तथा परिसर में व्याप्त पेयजल संकट जैसे गंभीर विषयों पर विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन बुनियादी मांगों पर त्वरित संज्ञान लेकर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो परिषद क्रमिक आंदोलन करने को बाध्य होगी। अभाविप निरंतर विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान और परिसर के शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ करने हेतु कार्यरत रही है। विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों में वर्तमान में मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है, जिससे सामान्य छात्र-छात्राओं को मानसिक एवं शारीरिक कष्ट का सामना करना पड़ रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देशभर में सकारात्मक शैक्षिक परिवेश बनाने एवं विद्यार्थी समस्या के निराकरण हेतु कार्य कर रही है, इसी क्रम में करोड़ों की लागत से बने नवनिर्मित पुस्तकालय भवन को तत्काल संचालित करने की मांग की गई है। क्योंकि उद्घाटन के लंबे समय बाद भी यह छात्रों के लिए क्रियाशील नहीं है। इसके अतिरिक्त, आगामी परीक्षाओं के दृष्टिगत केंद्रीय पुस्तकालय का समय रात्रि 10:00बजे तक बढ़ाने, सीटों की संख्या में वृद्धि करने तथा विधि, विज्ञान एवं कला संकायों में नवीनतम पुस्तकों की कमी को दूर करने की आवश्यकता है। पूरे परिसर में पेयजल संकट के समाधान हेतु वाटर कूलरों की सर्विसिंग, पर्याप्त डस्टबिन की व्यवस्था, संकायों में हाइजीनिक कैंटीन और विज्ञान संकाय के खेल मैदान को नियमित अभ्यास हेतु छात्रों के लिए सुलभ बनाना भी परिषद की प्रमुख मांगों में शामिल है। अभाविप इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई के इकाई अध्यक्ष हिमांशु पाण्डेय ने कहा कि, ‘विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। नवनिर्मित पुस्तकालय को तत्काल प्रभाव से संचालित किया जाना चाहिए और केंद्रीय पुस्तकालय का समय बढ़ाकर छात्रों को राहत प्रदान करनी चाहिए। साथ ही, विभिन्न संकायों में नई पुस्तकों की उपलब्धता और पेयजल संकट का स्थायी समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो विद्यार्थी परिषद् चुप नहीं बैठेगी और उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अभाविप इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई की इकाई मंत्री काव्यांशी कुमारी ने छात्राओं की समस्याओं पर जोर देते हुए कहा कि, ‘परिसर में महिला सुरक्षा और गरिमा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रत्येक संकाय में छात्राओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त पृथक ‘पिंक टॉयलेटÓ का निर्माण और महिला कॉमन रूम में उच्च गुणवत्ता वाली ‘सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीनÓ एवं ‘डिस्पोजल इंसिनरेटरÓ स्थापित करना नितांत आवश्यक है। इस अवसर पर काशी प्रांत शोध सह संयोजक सौरभ, प्रांत विकासार्थ विद्यार्थी संयोजक अद्वैतेश आराध्य राय, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य अर्पित त्रिपाठी, इकाई सह मंत्री आदर्श द्विवेदी, सुनिल बिश्नोई, अमन मिश्रा, अनुराग मिश्र, इकाई शोध संयोजक प्रशंसा सिंह जाटव, संजना यादव, सांभवी राय, सृष्टि मिश्रा एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



