- व्यक्तित्व विकास एक निरंतर प्रक्रिया : डा. डाली
- सॉफ्ट स्किल पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषय पर हुई चर्चा
जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल और छात्र अधिष्ठाता कल्याण विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन मंगलवार को बच्चों को सॉफ्ट स्किल पर्सनालिटी डेवलपमेंट विषय से रूबरू कराया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डीन एकेडमिक्स गुरु नानक स्वशासी महाविद्यालय चेन्नई की डॉ. सावित्री स्वामीनाथन ने कहा कि जीवन में अगर लक्ष्य प्राप्ति करना है तो सदैव सकारात्मक बनिए। व्यक्ति में अगर नकारात्मकता है वह अपने साथ-साथ अपने घर और दोस्तों को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने छात्रों को इंटरव्यू देने से पहले की तैयारियां के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि सदैव सकारात्मकता के साथ अपने जीवन में तय लक्ष्यों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने बॉडी लैंग्वेज के विविध पक्षों पर गहराई से चर्चा की। इसी क्रम में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. डॉली ने कहा कि हिंदी, अंग्रेजी या अन्य कोई भाषा हो उसमें आपकी पकड़ होनी चाहिए। जब कहीं इंटरव्यू के दौरान बोलते है तो उसमें आपका व्यक्तित्व भी झलकना चाहिए। व्यक्तित्व विकास एक निरंतर प्रक्रिया है। इस दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सेल के डायरेक्टर प्रोफेसर संदीप कुमार सिंह ने अतिथियों का परिचय एवं कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यशाला में इंजीनियरिंग संकाय के डीन प्रोफेसर बीबी तिवारी, डॉ. दीप प्रकाश सिंह, डॉ. शशांक दुबे, डॉ. हेमंत कुमार सिंह, डॉ. दिलीप यादव, डॉ. नवीन चौरसिया, डॉ. अंकुश गौरव, डॉक्टर सुबोध कुमार, डॉ. मोहम्मद रेहान, डॉ. कृष्ण कुमार यादव तथा अन्य विभागों के शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।



