- राजमार्ग पर दोनों तरफ लगी रही घंटों लगी वाहनों की लम्बी कतार
जौनपुर। गुरुवार की सुबह क्षेत्र के लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर जहरूद्दीनपुर गांव के पास रोडवेज बस को अनियंत्रित ट्रक ने टक्कर मारते हुए दुकान में जा घुसा। टक्कर में बस का अगला हिस्सा और दुकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। बस चालक गंभीर रुप से घायल हो गया, वहीं अन्य यात्री और दुकानदार साफ बच गए। घटना के बाद ट्रक चालक व खलासी मौके से फरार हो गए। मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लम्बी कतारें लग जाने से घंटो आवागमन बाधित रहा।
बता दें कि गुरुवार सुबह साढ़े पांच बजे अमेठी डिपो की यूपी 78एनएच 2284शाहगंज डिपो से सवारी लेकर लखनऊ के लिए निकली थी। जो क्षेत्र के जहरूद्दीनपुर गांव के पास पहुंची कि विपरीत दिशा से माल लादकर आ रही तेज रफ्तार ट्रक में यूपी 34 टी 1910 बस को जोरदार टक्कर मारते हुए गांव के मालती की दुकान में घुस गया। जिसमें बस व दुकान का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। सुबह का समय होने के कारण दुकान खुली नहीं थी, वरना कोई अप्रिय घटना घट सकती थी। कमोबेश वही हालत बस में सवार लोगों का था। परिचालक धर्मेन्द्र कुमार समेत सभी सवार को खरोंच तक नहीं आई, प्रतापगढ़ निवासी चालक प्रेम नारायण पाण्डेय बुरी तरह से घायल हो गया। हादसे में पैर टूटने के साथ ही उसके शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आ गई। हादसे के बाद ट्रक चालक और खलासी मौके की नजाकत भांपते हुए खिसक लिए। घटना की जानकारी होते ही एआरएम शाहगंज विनय श्रीवास्तव मौके पर पहुंच कर यात्रियों, चालक और परिचालक का हाल जाना। सूचना पर चौकी प्रभारी अरविंद कुमार यादव टीम के साथ मौके पर पहुंच घायल चालक को अस्पताल भिजवाते हुए मौके पर स्थिति संभाली। हादसे के बाद मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लम्बी कतार लग गई। घंटों लखनऊ बलिया राजमार्ग पर आवागमन बाधित रहा। पुलिस ने जेसीबी के सहारे बस हटवाकर मार्ग खाली कराते हुए आवागमन बहाल कराया। एआरम की तहरीर पर ट्रक चालक विरुद्ध पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की कवायद शुरु कर दी।
अनियंत्रित ट्रक देख थम गई सांसें : प्रत्यक्षदर्शी
गुरुवार को तड़के लोगों की सांसें उस वक्त थम गई, जब लखनऊ की तरफ से आ रहे ट्रक को अनियंत्रित देखा। देखते ही देखते ट्रक ने रोडवेज बस को जोरदार टक्कर मारते हुए दुकान में जा घुसा। प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार महिला मालती की मानें तो घटना के समय उसकी बेटी दुकान के सामने खेल रही थी और वह सड़क के दूसरे किनारे पर किसी काम से गयी हुई थी। तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक को देख मालती की सांसें थम सी गई। किसी तरह शोर मचाकर उसने बच्ची को वहां से हटाकर उसकी जान बचाई। वहीं बस की रफ्तार कम होने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लोगों का कहना था कि यदि बस की रफ्तार तेज होती तो कई जाने गई होती। वहीं लापरवाह ट्रक चालक को लोग कोसते नजर आए।



