जौनपुर। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के षष्ठम दिवस पर साइबर सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और राष्ट्रप्रेम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जागरूक, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में साइबर क्लब के नोडल अधिकारी एवं जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ.दिग्विजय सिंह राठौर ने साइबर सुरक्षा विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने स्वयंसेवकों को साइबर अपराधों से बचने के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी और ‘संचार साथीÓ मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा के उपाय समझाए। दूसरे सत्र में वेलनेस सेंटर की नोडल अधिकारी एवं अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग की डॉ.अन्नू त्यागी ने ‘युवा और मानसिक स्वास्थ्यÓ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से ही जीवन में संतुलन और खुशहाली संभव है। उन्होंने युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद आयोजित सत्र में प्रो.हरिओम त्रिपाठी और डॉ.ममता सिंह ने शहीद दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शहीदों का बलिदान हमें राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने शहीद दिवस पर आधारित भाषण, नाटक और विचार प्रस्तुत किए, जिसने सभी को भावुक और प्रेरित किया। भोजनावकाश के बाद स्वयंसेवकों ने शहीदों की स्मृति में पदयात्रा निकालकर समाज में राष्ट्रप्रेम और जागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ.सुरेंद्र सिंह, डॉ.अजय मौर्य, डॉ.विशाल यादव, डॉ.प्रमेन्द्र विक्रम सिंह, डॉ.शशिकांत यादव एवं डॉ.अनुराग मिश्र सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। शिविर में युवाओं का उत्साह और सहभागिता उल्लेखनीय रही।
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युवाओं में जागरूकता, सुरक्षा और राष्ट्रप्रेम का संदेश बना शिविर का केंद्र

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