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मौत से पहले क्या था दिव्या भारती की जिंदगी का वो आखिरी दिन?

दिव्या भारती की मौत को काफी समय बीत गया है, लेकिन लोग आज भी जानना चाहते हैं कि ये मौत एक हादसा था या हत्या. उस रात दिव्या के साथ क्या हुआ थी. कौन-कौन उनके साथ था. शादी के एक साल अंदर ही आखिर कैसे दिव्या की मौत हो गई. दिव्या भारती बॉलीवुड की वो एक्ट्रेस, जिन्होंनेअपनी डेब्यू फिल्म के बाद से ही एक्ट्रेसेस के पसीने छुड़ा दिए थे. स्कूल न जाना पड़े इसलिए एक्टिंग की दुनिया में कदम ऱखा. 1992 में उन्होंने बॉलीवुड में एंट्री की और एक के बाद एक फिल्में की. दिव्या की किस्मत का सितारा ऐसा चमका कि फिर एक्ट्रेस ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. लेकिन, अचानक से सब खत्म हो गया. 5 अप्रैल 1993 दिव्या की जिंदगी का आखिरी दिन रहा.दिव्या भारती की मौत को 3 दशक पूरे होने को हैं. लेकिन इतना समय बीच जाने के बाद भी लोगों के मन में काफी सवाल हैं. लोग आज भी जानना चाहते हैं कि ये मौत एक हादसा था या हत्या. उस रात दिव्या के साथ क्या हुआ थी. कौन-कौन उनके साथ था. शादी के एक साल अंदर ही आखिर कैसे दिव्या की मौत हो गई. साउथ की फिल्मों में दिव्या ने दमदार एक्टिंग की, जिसके बाद बॉलीवुड के फिल्ममेकर भी उन्हें अप्रोच करने लगे. साल 1992 में रिलीज हुई फिल्म ‘विश्वात्मा’ से उन्होंने बॉलीवुड डेब्यू किया. फिल्म खास कमाल तो नहीं कर सकी, लेकिन दिव्या को रातों-रात बहुत पॉपुलैरिटी मिली. इसके बाद दूसरी फिल्म ‘दिल का क्या कसूर’ रिलीज हुई, ये भी फ्लॉप थी. फिर दिव्या ने डेविड धवन की फिल्मों में काम किया नाम था फिल्म ‘शोला और शबनम’, जिसमें वह गोविंदा के साथ नजर आईं. ये दिव्या की पहली बड़ी हिट फिल्म थी. 1992 में ही दिव्या फिल्म ‘दीवाना’, ‘जान से प्यारा’, ‘दिल आशना है’, ‘बलवान’, ‘दिल ही तो है’, ‘दुश्मन जमाना’, ‘गीत में नजर आई’ में काम किया. ‘शोला और शबनम’ फिल्म की शूटिंग के दौरान गोविंदा ने दिव्या को साजिद नाडियाडवाला से मिलवाया था. यहीं से दोनों की दोस्ती हुई और प्यार हो गया. दोनों ने अपने रिश्ते को छुपाया भी. साजिद से शादी करने से पहले दिव्या ने इस्लाम कबूल कर सना नाम रखा और फिर 10 मई 1992 में दोनों ने सीक्रेट वेडिंग कर ली. इस शादी में मुंबई की तुलसी बिल्डिंग में हुई इस शादी में सिर्फ दिव्या की हेयरड्रेसर, दोस्त संध्या, संध्या का पति, काजी ही शामिल हुए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1993 में साजिद ने दिव्या के लिए मुंबई के वर्सोवा इलाके में पांचवीं मंजिल पर एक फ्लैट किराए पर लिया. यहां उनके रिश्तेदार भी अक्सर आते-जाते रहते थे. 5 अप्रैल 1993 को दिव्या हैदराबाद से मुंबई लौटी थीं और बेहद खुश भी थीं, क्योंकि उसी दिन उन्होंने चार बेडरूम के फ्लैट की डील साइन की थी. 5 अप्रैल 1993 को शाम के वक्त दिव्या अपने फ्लैट पर पहुंचीं. उनके साथ फैशन डिजाइनर नीता लुल्ला और उनके पति श्याम लुल्ला मौजूद थे. वहीं, किचन में नौकरानी अमृता जो दिव्या को बचपन से ही जानती थी, वो मेहमानों के लिए खाने का इंतजाम कर रही थी. रात के करीब 11 बजे दिव्या उठकर किचन में गईं और वहां खिड़की पर बैठने की कोशिश करने लगी. उस खिड़की पर कोई ग्रिल नहीं थी और तभी अचानक वो पांचवें मंजिल से गिर गईं. वो जैसे ही गिरीं उनकी नौकरानी तेज-तेज चिल्लाने लगी, तभी ड्राइंग रूम में बैठे नीता और श्याम भी भागकर नीचे गए. इसके बाद दिव्या को पास के कूपर हॉस्पिटल ले जाया गया. अस्पताल ले जाने वक्त वो जिंदा थी, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया. फाइल फोदिव्या की मौत की खबर पूरी फिल्म इंडस्ट्री में फैल गई. जहां कुछ लोग इसे आत्महत्या बता रहे थे, वहीं कुछ लोगों ने इसे मर्डर. दिव्या की मौत के बाद मामले की पूरी जांच वर्सोवा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने की. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये दावा किया गया कि दिव्या की मौत महज एक एक्सीडेंट थी. बहुत ज्यादा शराब पीने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सकीं और खिड़की से गिर गईं. 7 अप्रैल 1993 में दिव्या का अंतिम संस्कार कर दिया गया. दिव्या की मौत के 5 साल बाद आधिकारिक पुष्टि की गई कि दिव्या की मौत सिर्फ एक हादसा थी. इस दौरान पुलिस ने फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों से पूछताछ की गई और कुछ नहीं मिलने पर दिव्या के पति साजिद नाडियाडवाला सहित सभी उन लोगों को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी जिनपर उन्हें शक था.

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