जौनपुर। जिले के स्वास्थ्य ढांचे में मील का पत्थर साबित हो रहे उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में मरीजों का दबाव और विश्वास दोनों लगातार बढ़ रहे हैं। वर्तमान में कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 3000 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ के बावजूद अस्पताल प्रशासन सुचारु और व्यवस्थित तरीके से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है।
मरीजों की बढ़ती तादाद के बीच महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो.आर.बी. कमल ने सोमवार को ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीधे मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत की। प्रधानाचार्य ने खुद लाइन में खड़े मरीजों से उनकी समस्याओं और मिल रहे उपचार की गुणवत्ता के बारे में पूछा। व्यवस्थाओं में दिखीं कुछ छोटी-मोटी कमियों पर उन्होंने मौके पर ही कर्मचारियों को फटकार लगाई और तत्काल सुधार के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों की सेवा कॉलेज की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की असुविधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रधानाचार्य ने सभी चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ से आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और मानवीय दृष्टिकोण के साथ करें। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को केवल बेहतर चिकित्सा ही नहीं, बल्कि स्टाफ की सहानुभूति और सहयोग की भी आवश्यकता होती है ताकि वे यहाँ सुरक्षित महसूस कर सकें।
अत्याधुनिक ओटी का काम अंतिम चरण में
जिले की जनता के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि मेडिकल कॉलेज में जल्द ही ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की सुविधाएं शुरू होने वाली हैं। अब तक केवल ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं सक्रिय थीं, लेकिन अत्याधुनिक ओटी शुरू होने से जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को वाराणसी या अन्य शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रधानाचार्य के अनुसार, चिकित्सक और तकनीकी स्टाफ इस दिशा में लगातार प्रयासरत हैं ताकि जल्द से जल्द यह सेवा आम जनता के लिए समर्पित की जा सके।



