घुमंतु समुदाय के लोगों को विमुक्ति दिवस पर किया गया जागरुकता जौनपुर। मछली शहर के अंतर्गत ग्राम पंचायत का आदमपुर के मिनी सचिवालय में घुमंतु समुदाय के लोगों के साथ भी मुक्ति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर एक्सीडेंट प्रोजेक्ट लेट महाजन अली ने बताया गया कि घुमंतु समुदाय ऐसा समुदाय है कि जो आज भी गुमनामी का जीवन जी रहा है। यह भी बताया कि यह समुदाय बहुत ही मस्त मौला और निडर समुदाय है, जो कि अंग्रेजो के नाक में दम करने वाले समुदाय को फिरंगियों ने अपराधी जन्मजात कानून लागू कर इस समुदाय को नट, बंजारा, सपेरा, मदारी, धरिकार, मुसहर आदि प्रजाति को अपराधिक करार दे दिया। आजादी के बाद सन 1950में देश का संविधान लागू हो गया 31अगस्त 1952को प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपराधी जनजाति अधिनियम को समाप्त कर इनको देश का आजाद नागरिक करार तब से 31अगस्त को विमुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाने लगा और यह भी बताया कि 1871 के क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट अन्याय और 1952 में मिली मुक्ति के ऐतिहासिक महत्व को याद किया जाता है। घुमंतु समुदाय के आजादी पर गीत के साथ अपने कार्यक्रम को मनाया और समुदाय के लोगों के साथ आजादी मनाया। खुशबू, मनजीत, बीनू, बंसीलाल, सत्य प्रकाश ग्राम प्रधान आदि ने अपने विचार व्यक्त किया।
― Advertisement ―
मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है घुमंतु समुदाय : महाजन

Previous article


