जौनपुर। आस्था और परम्परा के संगम का प्रतीक भगवान जगन्नाथ विगत 15दिनों से पारम्परिक रूप से ‘अस्वस्थÓ चल रहे थे। बुधवार को जनपद के वरिष्ठ चिकित्सकों के समूह ने मंदिर में पहुंचकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा का स्वास्थ्य परीक्षण किया। परंपरा के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा के दिन अधिक स्नान के कारण तीनों देव विग्रह आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक ज्वर से पीड़ित माने जाते हैं। इस दौरान भगवान को आम दर्शन से वंचित रखा जाता है और उन्हें भोग में औषधीय काढ़े अर्पित किए जाते हैं। आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम में डॉ.क्षितिज शर्मा, डॉ.एम.एम.वर्मा, डॉ.निलेश श्रीवास्तव, डॉ.पंखुड़ी श्रीवास्तव एवं डॉ.शैलेश कुमार सिंह की टीम ने भगवान का परीक्षण कर पारंपरिक औषधीय उपचार की पुष्टि की। 26 जून को भगवान को परवल के रस का भोग अर्पित किया जाएगा, 27 जून को खिचड़ी प्रसाद का भोग अर्पण कर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा रथारूढ़ होकर नगर भ्रमण को निकलेंगे, जिसे भक्तगण रथ यात्रा महोत्सव के रूप में भव्य रूप से मनाएंगे।
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भगवान जगन्नाथ का हुआ पारंपरिक स्वास्थ्य परीक्षण



